श्रीरामचरित मानस पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाले स्वामी प्रसाद का फूंका पुतला
मीरजापुर। मीरजापुर सेवा समिति के संयोजक दिलीप सिंह गहरवार के नेतृत्व में सोमवार को जिला मुख्यालय प्रांगण में रामचरितमानस पर विवादित टिप्पणी करने वाले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। मानस की प्रतियां जलाने वालों पर रासुका के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग जिलाधिकारी से की। समिति के […]
मीरजापुर। मीरजापुर सेवा समिति के संयोजक दिलीप सिंह गहरवार के नेतृत्व में सोमवार को जिला मुख्यालय प्रांगण में रामचरितमानस पर विवादित टिप्पणी करने वाले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। मानस की प्रतियां जलाने वालों पर रासुका के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग जिलाधिकारी से की।
समिति के संयोजक ने कहा कि श्रीराम एवं पवित्र ग्रंथ मानस पर प्रश्नचिंह लगाने वाले हिन्दू विरोधी नहीं देशद्रोही हैं। भगवान राम व रामचरित मानस से करोड़ों हिन्दुओं की भावनाएं जुड़ी हैं। हिन्दू समाज पर हो रही विधर्मी टिप्पणी का हिन्दू जनमानस व मीरजापुर सेवा समिति विरोध करती है।
ये भी पढ़ें संभल: महाशिवरात्रि पर आस्था का अपार सैलाब, हजारों कांवड़ियों ने शिवालयों में गंगाजल चढ़ायाप्रदर्शन करने वालों में राजकुमार उपाध्याय, जटाशंकर सिंह जहरीला, मनीष सिंह, संदीप सिंह, रामराज जायसवाल, जयप्रकाश सेठ, संजय गुप्ता, राहुल मालवीय, जगदीश मिश्र, मंगल सिंह, प्रदीप सिंह, विनय पांडेय आदि रहे।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां