वाराणसी: पुलिस ने बटुक को थप्पड़ जड़कर बाल खींचे; कवरेज कर रही महिला पत्रकार और मीडियाकर्मियों से भी बदतमीजी
काशी विश्वनाथ धाम में पुलिस का अमानवीय चेहरा,वीडियो वायरल होने पर दोषी पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
वाराणसी: धर्म नगरी काशी में रंगभरी एकादशी के पावन पर्व पर एक तरफ जहां आस्था का सैलाब उमड़ा, वहीं दूसरी तरफ बाबा विश्वनाथ के दरबार के बाहर पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। उत्सव के माहौल में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने अपनी मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ दीं। आरोप है कि पुलिस ने न केवल एक बटुक (युवा ब्राह्मण विद्यार्थी) के साथ बेरहमी की, बल्कि कवरेज कर रही एक महिला पत्रकार और मीडियाकर्मियों के साथ भी अभद्रता की।
कतार में खड़े बटुक पर बरसाईं लाठियां और थप्पड़ घटना शुक्रवार की है, जब बाबा विश्वनाथ माता पार्वती का गौना कराकर पालकी में सवार होकर मंदिर के गर्भगृह पहुंचे थे। इस दौरान भारी भीड़ को नियंत्रित करने के नाम पर पुलिस ने कतार में खड़े बटुक को निशाना बनाया। आरोप है कि गंगा द्वार पर तैनात एक सिपाही ने पहले बटुक का मुंह नोचा और फिर उसे ताबड़तोड़ तीन थप्पड़ जड़ दिए। स्थिति तब और बिगड़ गई जब एक दरोगा ने उस बटुक के बाल पकड़कर उसे घसीटा और बैरिकेडिंग के पीछे फेंक दिया। घंटों लाइन में लगने के बावजूद उस बटुक को बिना दर्शन किए ही वहां से खदेड़ दिया गया।
महिला पत्रकार और मीडिया से भी अभद्रता रंगभरी एकादशी के भव्य आयोजन की कवरेज करने पहुंची एक महिला पत्रकार ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गेट नंबर-4 पर तैनात पुलिसकर्मियों ने महिला पत्रकार के साथ अभद्रता की और धक्का-मुक्की की। जब अन्य मीडियाकर्मियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें भी गाली-गलौज दी और बलपूर्वक वहां से हटा दिया। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भी पुलिस के इस रवैये पर भारी रोष जताया है।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई: दोषी पुलिसकर्मी लाइन हाजिर सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने और चौतरफा निंदा के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई। डीसीपी गौरव बंसवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से मंदिर की ड्यूटी में तैनात दोषी पुलिसकर्मियों को हटाकर पुलिस लाइन से अटैच (लाइन हाजिर) कर दिया है। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों को आई-कार्ड के आधार पर कवरेज की अनुमति थी और किसी भी प्रकार की बदतमीजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
रंगभरी एकादशी के इस पावन अवसर पर, जहां लगभग 2 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा के साथ होली खेलने उमड़े थे, वहां पुलिस के इस आचरण ने उत्सव के उल्लास को फीका कर दिया है। रॉयल बुलेटिन और अन्य प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों ने इस मामले पर बारीकी से नजर बनाई हुई है, वहीं काशी के विद्वत समाज ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।
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