गेहूं सरसों के बाद खाली खेत से कमाएं बंपर मुनाफा , गर्मी की मूंग की खेती से 60 दिन में 50 हजार तक कमाई
गेहूं और सरसों की कटाई के बाद अक्सर खेत खाली रह जाते हैं और यही समय किसानों के लिए चिंता का कारण बनता है। लेकिन अगर सही योजना बनाई जाए तो यही खाली खेत अतिरिक्त कमाई का मजबूत जरिया बन सकते हैं। गर्मी की मूंग की खेती एक ऐसा ही शानदार विकल्प है जो कम समय में तैयार होकर अच्छा मुनाफा दे सकती है।
सिर्फ 60 से 70 दिन में तैयार होने वाली फसल
गर्मी की मूंग एक दलहनी फसल है जो लगभग 60 से 70 दिनों में पूरी तरह तैयार हो जाती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि गेहूं या सरसों की कटाई के तुरंत बाद इसकी बुवाई की जा सकती है और खरीफ फसल से पहले इसकी कटाई भी हो जाती है। यानी खेत ज्यादा समय तक खाली नहीं रहते और आय का एक अतिरिक्त स्रोत बन जाता है।
गर्मी के मौसम में ऐसी फसल की जरूरत होती है जो कम पानी में अच्छी पैदावार दे और जल्दी तैयार हो जाए। मूंग इन सभी शर्तों पर खरी उतरती है। इसकी खेती में अधिक सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती और लागत भी कम आती है।
30 हजार से 50 हजार रुपये प्रति एकड़ तक आमदनी
यदि उन्नत किस्म का बीज चुना जाए और वैज्ञानिक तरीके से खेती की जाए तो प्रति एकड़ 5 से 8 क्विंटल तक उत्पादन लिया जा सकता है। बाजार में मूंग का भाव आमतौर पर 6000 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहता है। इस हिसाब से किसान प्रति एकड़ लगभग 30 हजार से 50 हजार रुपये तक की आमदनी कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें Chinese Cabbage Farming से कम लागत में लाखों की कमाई जानें उन्नत गोभी की पूरी खेती और मुनाफे का गणितकम लागत और बेहतर बाजार मांग के कारण यह फसल लाभ का अच्छा मौका देती है। मूंग की दाल की मांग पूरे साल बनी रहती है जिससे किसानों को उचित कीमत मिलने की संभावना रहती है।
मिट्टी की सेहत भी सुधारे मूंग
मूंग की खेती का एक बड़ा फायदा यह भी है कि यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है। दलहनी फसल होने के कारण इसकी जड़ों में ऐसे जीवाणु पाए जाते हैं जो नाइट्रोजन स्थिरीकरण करते हैं। इससे मिट्टी में प्राकृतिक रूप से पोषक तत्व बढ़ते हैं और अगली फसल के लिए जमीन अधिक उपजाऊ बनती है। परिणामस्वरूप रासायनिक खाद की जरूरत कम हो जाती है और लागत घटती है।
समय पर बुवाई और सही प्रबंधन जरूरी
मूंग की खेती में सफलता के लिए समय पर बुवाई बहुत जरूरी है। संतुलित बीज दर रोग और कीट प्रबंधन और जरूरत के अनुसार सिंचाई इन सभी बातों पर ध्यान देना चाहिए। अच्छी गुणवत्ता का बीज और उचित दूरी पर बुवाई करने से उत्पादन में वृद्धि होती है।
कहा जा सकता है कि गर्मी की मूंग सिर्फ एक फसल नहीं बल्कि समझदारी भरा निवेश है। यह किसानों को नकद आय के साथ साथ मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने का अवसर देती है। गेहूं और
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