पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस वाहन पर फायरिंग, डीएसपी समेत 7 की मौत
पेशावर। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हुई अंधाधुंध फायरिंग में डीएसपी समेत सात पुलिसवालों के मारे जाने की खबर है। ये हमला केपी के कोहाट जिले में मंगलवार को हुआ। स्थानीय मीडिया ने इसकी जानकारी दी है। प्रमुख दैनिक डॉन ने पुलिस के हवाले से बताया कि हमला लाची के डीएसपी (पुलिस उपाधीक्षक) को निशाने पर लेकर किया गया था। उनके पुलिसिया वाहन पर शकरदरा रोड के पास हथियारबंद हमलावरों ने जबरदस्त फायरिंग की। डीएसपी अपने दो गार्ड के साथ मौके पर ही मारे गए थे। हमले के बाद, कोहाट से इलाके में और पुलिस की टुकड़ियां भेजी गईं, और हमलावरों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। जियो न्यूज के अनुसार, डीएसपी समेत 7 लोगों के मारे जाने के बाद अधिकारियों ने इलाके को घेरकर घटना की जांच शुरू कर दी है।
केपी के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने इसे आतंकवादी हमला बताते हुए निंदा की है। गवर्नर ने ड्यूटी के दौरान मारे गए डीएसपी और दूसरे पुलिसवालों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई और घायल पुलिसवालों के जल्दी ठीक होने की दुआ मांगी। कुंदी ने कहा कि केपी के दक्षिणी जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति काफी खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे हमलों का सामना डट कर रही है। सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (सीआरएसएस) की एनुअल सिक्योरिटी रिपोर्ट 2025 के अनुसार, केपी में पिछले साल हिंसा में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जहां 2024 में मृतकों की संख्या 1,620 थी, वहीं 2025 में ये बढ़कर 2,331 हो गई। सोमवार को केपी के करक जिले में क्वाडकॉप्टर हमले में फेडरल कांस्टेबुलरी (एफसी) के तीन जवान मारे गए थे। करक पुलिस के प्रवक्ता शौकत खान के मुताबिक, पहले ही एक हमला हुआ था जिसके बाद रेस्क्यू 1122 की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं, लेकिन घोले बंदा डैम के पास बंदूकधारियों ने उनकी एम्बुलेंस पर हमला कर दिया। इस वजह से, एफसी के तीन जवान मारे गए और रेस्क्यू 1122 के तीन अधिकारी घायल हो गए थे, जबकि एम्बुलेंस आग लगने के बाद जलकर खाक हो गई थी। वहीं, पिछले हफ्ते, केपी के बाजौर जिले में एक चेकपोस्ट पर हुए हमले में 11 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। सेना के मीडिया विंग ने कहा था कि इस घटना में एक "बच्ची" भी मारी गई थी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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