एपस्टीन के लिए जासूसी का आरोप, ब्रिटेन में किंग चार्ल्स के भाई एंड्रयू माउंटबेटन गिरफ्तार
लंदन। ब्रिटेन के किंग चार्ल्स के छोटे भाई पूर्व प्रिंस एंड्र्यू माउंटबेटन-विंडसर को गुरुवार को सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के संदेह में गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को गोपनीय सरकारी दस्तावेज भेजने का आरोप है।
द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक एंड्रयू की गिरफ़्तारी के बाद थेम्स वैली पुलिस ने एक बयान में कहा, "जांच के हिस्से के रूप में हमने आज नॉरफोक के एक 60 साल से अधिक उम्र के शख़्स को सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के संदेह में गिरफ़्तार किया। साथ ही बर्कशायर और नॉरफोक में स्थित पतों पर तलाशी अभियान जारी है। वह व्यक्ति फ़िलहाल पुलिस हिरासत में है। राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के मुताबिक़ हम गिरफ़्तार व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं करेंगे।''
मीडिया रिपोर्ट्स में प्रिंस एंड्र्यू माउंटबेटन के नाम का खुलासा करते हुए बताया गया है कि इस महीने की शुरुआत में थेम्स वैली पुलिस ने कहा था कि पूर्व प्रिंस के खिलाफ एपस्टीन को दस्तावेज सौंपने के आरोप में जांच चल रही है। ये आरोप अमेरिकी सरकार की ओर से जारी फाइलों पर आधारित हैं। एपस्टीन ने न्यूयार्क की एक जेल में 10 अगस्त, 2019 को आत्महत्या कर ली थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह पहली बार है, जब पूर्व प्रिंस को गिरफ़्तार किया गया है। एंड्र्रयू का आज ही जन्मदिन भी है। हालांकि, एपस्टीन से दोस्ती पर पश्चाताप करने वाले एंड्र्यू ने हमेशा गलत काम करने से इनकार किया है।
एंटी-मोनार्की ग्रुप रिपब्लिक ने एपस्टीन से जुड़े 30 लाख से अधिक पेज के दस्तावेज जारी होने के बाद पुलिस को शिकायत की थी। इनमें 2010 में वियतनाम, सिंगापुर आदि की आधिकारिक यात्राओं के रिपोर्ट एपस्टीन को भेजने का जिक्र है।
उल्लेखनीय है कि एंड्रूयू माउंटबेटन पिछले साल ही 'प्रिंस' का ख़िताब खो चुके थे। उन्हें विंडसर के महल रॉयल लॉज को भी छोड़ना पड़ा था। एपस्टीन के साथ उनके संबंधों को लेकर कई हफ़्तों से चल रही जांच के बाद ये फ़ैसला लिया गया था। एंड्रयू ने अपने निजी जीवन पर उठते सवालों को देखते हुए अपने दूसरे शाही ख़िताब भी छोड़ दिए थे। इनमें ड्यूक ऑफ़ यॉर्क भी शामिल था।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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