संभल: गुन्नौर में एंटी करप्शन टीम का बड़ा एक्शन, रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया कानूनगो; मचा हड़कंप
संभल। जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने एक कानूनगो को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि कानूनगो ने नक्शा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से राहत दिलाने के नाम पर 14 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया।
नक्शा ध्वस्तीकरण के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर: पुलिस बेड़े में शामिल हुईं 10 नई पीआरवी गाड़ियां, एसएसपी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवानाजानकारी के अनुसार, राजू नामक व्यक्ति ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि संबंधित कानूनगो द्वारा नक्शा ध्वस्तीकरण के नाम पर उससे 14 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता ने बताया कि यदि रिश्वत नहीं दी जाती तो उसके निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी दी जा रही थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने मामले की जांच की और आरोप सही पाए जाने पर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई।
एंटी करप्शन टीम ने बिछाया जाल, रिश्वत लेते ही किया गिरफ्तार
एंटी करप्शन टीम ने पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर कानूनगो के पास भेजा। जैसे ही कानूनगो ने 14 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से मौजूद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी कानूनगो को अपने साथ लेकर स्थानीय थाने पहुंची, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
थाने में चली पूछताछ, जुटाए जा रहे साक्ष्य
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। एंटी करप्शन टीम द्वारा कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश
इस कार्रवाई से सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। एंटी करप्शन टीम ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तुरंत संबंधित विभाग या एंटी करप्शन टीम से करें, ताकि भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां