अमेरिका-ईरान तनाव 2026: 'अगर ईरान ने नहीं मानीं शर्तें तो हमला कर सकता है अमेरिका'
बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले का दिया संकेत!
वाशिंगटन। तयशुदा तारीख पर बोर्ड ऑफ पीस की बैठक शुरू हो गई है। जहां ईरान को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इशारों-इशारों में बड़ा बयान दिया है। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने इशारा किया है कि वह अगले 10 दिनों में ईरान के खिलाफ संभावित स्ट्राइक पर फैसला लेंगे। बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में अपनी बात रखते हुए जून में ईरान के न्यूक्लियर प्लांट्स पर अमेरिका के स्ट्राइक को याद करते हुए, ट्रंप ने कहा, “अब, हमें इसे एक कदम आगे ले जाना पड़ सकता है—या शायद नहीं। शायद हम एक डील करने जा रहे हैं।” अमेरिका के राष्ट्रपति ने आगे कहा, “आपको अगले, शायद 10 दिनों में पता चल जाएगा।” ट्रंप ने दोहराया कि ईरान के पास “न्यूक्लियर वेपन नहीं हो सकता। अगर उनके पास न्यूक्लियर वेपन है, तो आप मिडिल ईस्ट में शांति नहीं ला सकते।”
ईरान पर, डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिक के साथ स्टीव विटकॉफ के डिप्लोमैटिक प्रयासों की तारीफ की। ट्रंप ने कहा, "ईरान अभी एक हॉट स्पॉट है," उन्होंने कहा कि विटकॉफ और जेरेड कुशनर दोनों के ईरान के प्रतिनिधियों के साथ अच्छे रिश्ते हैं। ट्रंप ने कहा, "बातचीत सही दिशा में जा रही है। पिछले कुछ साल में यह साबित हुआ है कि ईरान के साथ डील करना आसान नहीं है। हमें एक अच्छी डील करनी होगी।" इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
इसमें हमास से लेकर बोर्ड ऑफ पीस के महत्व को लेकर भी अपनी राय जाहिर की। ट्रंप ने वॉशिंगटन में बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में अपनी बात यह कहकर शुरू की कि दुनिया के नेताओं का यह पैनल अब तक का सबसे “अहम” पैनल है। उन्होंने कहा कि कुछ देश अभी तक शामिल न होकर “प्यारा बर्ताव” कर रहे हैं, जिनमें कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें वह इस बॉडी में शामिल भी नहीं करना चाहते, हालांकि उन्होंने उन्हें बुलाया था। दरअसल, ज्यादातर यूरोपीय देशों ने इस चिंता के कारण इसमें शामिल होने से मना कर दिया है कि यह बॉडी यूएन पर कब्जा कर सकती है, जबकि ट्रंप को आखिरी पावर और जिंदगी भर के लिए पैनल की अध्यक्षता करने की काबिलियत मिल सकती है। ट्रंप ने इसी ओर इशारा किया।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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