देश की पहली सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ..जीरो कमीशन, नो सर्ज प्राइसिंग और ड्राइवरों को मालिकाना हक के साथ ओला-उबर को मिलेगी कड़ी टक्कर
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को विज्ञान भवन से देश की पहली सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी को आगामी तीन वर्षों के भीतर पूरे देश में शुरू किया जाएगा और यह टैक्सी चालकों के आर्थिक सशक्तीकरण का एक बड़ा माध्यम बनेगी।
टैक्सी चालकों को ‘सारथी’ की संज्ञा देते हुए शाह ने कहा कि अभी तक उनकी टैक्सी का पहिया किसी और की कमाई करता था, लेकिन भारत टैक्सी के माध्यम से अब वही पहिया उनकी अपनी कमाई और समृद्धि के लिए घूमेगा। उन्होंने कहा कि सहकार टैक्सी जो भी मुनाफा कमाएगी, उसमें से तीन वर्ष बाद केवल 20 प्रतिशत राशि सहकार टैक्सी के पास रहेगी, जबकि शेष 80 प्रतिशत राशि प्रति किलोमीटर की औसत के आधार पर सीधे सारथियों के खातों में स्थानांतरित की जाएगी। सहकार टैक्सी के मालिक भी स्वयं सारथी ही होंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी देश की माताओं और बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने ‘सारथी दीदी’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए बताया कि ऐप पर एक अलग विंडो के माध्यम से महिला यात्रियों के लिए महिला चालक उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनकी यात्रा और अधिक सुरक्षित हो सकेगी।
शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार टैक्सी क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर रही है, बल्कि सहकारिता टैक्सी क्षेत्र में कदम रख रही है। सहकारिता का मूल उद्देश्य यह है कि छोटे-छोटे संसाधनों वाले लोग मिलकर बड़े कार्य कर सकें। भारत टैक्सी इसका एक अनूठा उदाहरण है, जहां टैक्सी चलाने वाला ही कंपनी का मालिक है, न कि कोई निजी कॉरपोरेट संस्था। उन्होंने कहा कि संभवतः यह दुनिया की पहली ऐसी सहकारी टैक्सी सेवा है, जिसकी मालिकाना हक़ सीधे चालकों के पास है।
उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी के संचालन में लोकतांत्रिक व्यवस्था होगी, जिसमें हर पांच साल में सारथियों द्वारा चुने गए प्रतिनिधि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल होंगे और चालकों के हितों की रक्षा करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान सहकार टैक्सी लिमिटेड ने भारत टैक्सी के विस्तार के लिए कई संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। अमित शाह की उपस्थिति में कुल नौ एमओयू का आदान-प्रदान किया गया, जिनमें भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग, दिल्ली यातायात पुलिस, दिल्ली मेट्रो रेल निगम, दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम लिमिटेड, जीएमआर, इफिको टोकियो, भारतीय स्टेट बैंक और पेटीएम शामिल हैं। इस अवसर पर अमित शाह ने प्रतीकात्मक रूप से पांच सारथी भाई-बहनों को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां