ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नबा दास की मौत, पुलिसकर्मी ने नजदीक से मारी थी गोली
भुवनेश्वर- ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नव किशोर दास नहीं रहे। अस्पताल में डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन से राज्य में शोक व्याप्त है। गणमान्य लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। आज सुबह ब्रजराजनगर में एक पुलिसकर्मी ने उन्हें गोली मार दी थी। उनके सीने में […]
भुवनेश्वर- ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नव किशोर दास नहीं रहे। अस्पताल में डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन से राज्य में शोक व्याप्त है। गणमान्य लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
आज सुबह ब्रजराजनगर में एक पुलिसकर्मी ने उन्हें गोली मार दी थी। उनके सीने में गोली लगी थी। इसके बाद उन्हें पहले झारसुगुडा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर भुवनेश्वर लाया गया था। भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद ग्निन कॉरिडर बनाकर उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम उनकी चिकित्सा में लगी थी। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक एवं राज्यपाल प्रो. गणेशीलाल ने अस्पताल आकर डॉक्टरों से बातचीत की थी।
श्री दास तीन बार विधायक रहे। वह झारसुगुडा विधानसभा सीट से विधायक थे। 2019 में वह बीजद के टिकट से विजयी हुए थे। इससे पहले वह कांग्रेस से विधायक थे। 2019 चुनाव से ठीक पूर्व वह कांग्रेस छोड़कर बीजद में शामिल हो गये थे। 2019 में वह राज्य सरकार में मंत्री बने थे।
घटना के दौरान मंत्री ब्रजराजनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। कार की अगली सीट पर बैठे दास अपने समर्थकों से मिलने के लिए जैसे ही नीचे उतरे ASI ने उनके सीने में दो गोली दाग दी। खून से लथपथ दास कार के पास ही गिर पड़े। घटनास्थल पर मौजूद उनके समर्थकों ने उन्हें पकड़ा और एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल भेजा। कुछ देर बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर भुवनेश्वर के अपोलो अस्पताल लाया गया। घटना के करीब 7 घंटे बाद दास की मौत हो गई। इससे पहले मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी दास से मिलने अस्पताल पहुंचे थे।
आरोपी ASI गिरफ्तार
उधर, पुलिस ने फायरिंग करने वाले ASI गोपालदास को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है, लेकिन अभी तक आरोपी ने हमले की वजह नहीं बताई है। इधर, राज्य सरकार ने मामले की जांच सीआईडी-क्राइम ब्रांच को दे दी है। 7 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम में साइबर, बैलिस्टिक और क्राइम ब्रांच के अधिकारी शामिल हैं। टीम का नेतृत्व DSP रमेश सी डोरा कर रहे हैं।
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