भारत और अमेरिका डब्ल्यूटीओ विवादों का चाहते हैं समाधान: पीयूष गोयल
नई दिल्ली/वाशिंगटन। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और अमेरिका लंबे समय से चले आ रहे डब्ल्यूटीओ विवादों का द्विपक्षीय समाधान चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगला जी-20 शिखर सम्मेलन भारत के लिए अपनी कई क्षमताओं को दिखाने और कई चुनौतियों का नेतृत्व करने का एक “बहुत बड़ा अवसर” […]
नई दिल्ली/वाशिंगटन। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और अमेरिका लंबे समय से चले आ रहे डब्ल्यूटीओ विवादों का द्विपक्षीय समाधान चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगला जी-20 शिखर सम्मेलन भारत के लिए अपनी कई क्षमताओं को दिखाने और कई चुनौतियों का नेतृत्व करने का एक “बहुत बड़ा अवसर” है।
वाशिंगटन में 13वें भारत-अमरीका व्यापार नीति मंच की बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में गोयल ने बुधवार को यह बात कही। वाणिज्य मंत्री गोयल अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन ताई के साथ भारत-अमेरिका व्यापार नीति मंच की बैठक की सह-अध्यक्षता की। वे तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर अमेरिका में हैं।
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वाणिज्य मंत्री गोयल ने कहा कि भारत ने अमरीका से व्यापार वीजा जारी करने में तेजी लाने को कहा है। इससे व्यापार और उद्योग के लिए लोगों को कम समय की यात्राओं में मदद मिलेगी। वाशिंगटन में 13वें भारत-अमरीका व्यापार नीति मंच की बैठक के बाद गोयल ने कहा कि वीजा जारी करने में लंबा समय लग रहा है, जिसमें तेजी लाने की जरूरत है। उन्होंने कह कि हमने इसे आपसी हित पर एक मजबूत और परिणामोन्मुख चर्चा के तौर पर देखा है।
पीयूष गोयल ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है जो हमारी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि हिंद-प्रशांत आर्थिक व्यवस्था पर आधिकारिक स्तर की चर्चा अगले महीने भारत में होगी। उन्होंने कहा कि भारत और अमरीका ने अगले वाणिज्यिक संवाद की तारीखें तय कर ली हैं और सीईओ फोरम की बैठक इस वर्ष मार्च में भारत में होगी। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 119.42 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था, जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में ये 80.51 अरब अमेरिकी डॉलर था।
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रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
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