स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26: गाजियाबाद को '7 स्टार' सिटी बनाने की तैयारी, नगर आयुक्त ने कसी कमर
गाजियाबाद। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में गाजियाबाद को राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान पर लाने के लिए नगर निगम ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्वास्थ्य विभाग और एसबीएम (SBM) टीम के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य लक्ष्य गाजियाबाद को 'गार्बेज फ्री सिटी' (GFC) श्रेणी में 5 स्टार से बढ़ाकर 7 स्टार दिलाना और 'वाटर प्लस' रैंकिंग में फिर से शामिल करना है।
कचरा पृथक्करण और डोर-टू-डोर कलेक्शन पर जोर
नगर आयुक्त ने बताया कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं। मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
ये भी पढ़ें गाजियाबाद में बवाल: डंपिंग ग्राउंड का विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज, एक महिला गंभीर रूप से घायल-
600+ कूड़ा वाहन: इंदिरापुरम सहित सभी जोनों में गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्र करने के लिए 600 से अधिक गाड़ियां तैनात की गई हैं।
-
VTMS मॉनिटरिंग: कूड़ा कलेक्शन वाहनों की निगरानी 'व्हीकल ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम' के माध्यम से डिजिटल रूप से की जा रही है।
-
जागरूकता अभियान: नुक्कड़ नाटकों के जरिए नागरिकों को कचरा पृथक्करण (Segregation) के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा है।
-
3Rs पर फोकस: एसबीएम टीम के माध्यम से रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल (Reduce, Reuse, Recycle) को बढ़ावा दिया जा रहा है।
शहर की सुंदरता और बुनियादी ढांचे में सुधार
सफाई के साथ-साथ शहर के सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई, दीवारों पर वॉल पेंटिंग और सड़कों को धूल मुक्त करने के लिए जलकल व निर्माण विभाग संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। नगर आयुक्त ने टीम को निर्देश दिए कि 'मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन अफेयर्स' द्वारा जारी टूल किट का अक्षरशः पालन किया जाए।
जन-भागीदारी बनी ताकत
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में गाजियाबाद ने देश में 11वां और प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। नगर आयुक्त ने इस सफलता का श्रेय सफाई मित्रों के साथ-साथ शहर के जागरूक निवासियों और पार्षदों को दिया। उन्होंने कहा कि शहरवासियों ने ठाना है कि इस बार गाजियाबाद को नंबर वन बनाना है।
बैठक में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश, जोनल सफाई अधिकारी और एसबीएम टीम के सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मुज़फ्फरनगर के प्रमुख ज्योतिषविद संजय सक्सेना पिछले 25 वर्षों से 'शिवालिक राशिरत्न केंद्र' के माध्यम से ज्योतिष, वास्तु और रत्न विज्ञान के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए हैं। संजय जी को ज्योतिष की गहन और प्रामाणिक शिक्षा वेदपाठी भवन के विख्यात विद्वान प्रियशील चतुर्वेदी (रतन गुरु) जी के सानिध्य में प्राप्त हुई है। उल्लेखनीय है कि उनके गुरु रतन गुरु जी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पूर्व कुलपति एवं सुप्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय सीता राम चतुर्वेदी जी के सुपुत्र हैं, जिससे संजय सक्सेना जी को एक अत्यंत समृद्ध और विद्वान गुरु-परंपरा का लाभ मिला है।
संजय सक्सेना जी की सबसे बड़ी विशेषज्ञता 'प्रश्न लग्न' में है। ज्योतिष की यह एक ऐसी विधा है जिसमें बिना जन्म कुंडली के भी जातक की तात्कालिक समस्याओं का सटीक विश्लेषण किया जा सकता है। अपनी इस विशेषज्ञता और ढाई दशकों के अनुभव के आधार पर वे न केवल सटीक भविष्यवाणी करते हैं, बल्कि वास्तु और रत्नों के माध्यम से प्रभावी समाधान भी प्रदान करते हैं। उनकी पारखी नज़र और शास्त्रीय ज्ञान ने उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विश्वसनीय ज्योतिषियों में शामिल किया है। ज्योतिषीय परामर्श, वास्तु ज्ञान या शुद्ध रत्नों की जानकारी हेतु उनसे मोबाइल नंबर 9837400222 पर संपर्क किया जा सकता है।

टिप्पणियां