रमजान मुबारक! आसमान में दिखा चांद, कल यानी गुरूवार को होगा पहला रोजा
नयी दिल्ली। भारत के विभिन्न हिस्सों में रमजान का चांद नजर आ गया है, जिसके बाद विभिन्न कमेटियों ने घोषणा की है कि 19 फरवरी से रमजान का महीना शुरू होगा और देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ रोजों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। केंद्रीय दारुल कजा इमारत शरिया (बिहार, ओडिशा, झारखंड), लखनऊ की केंद्रीय चांद कमेटी फरंगी महल, जामा मस्जिद दिल्ली की केंद्रीय रुएत-ए-हिलाल कमेटी और ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल सहित अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों ने चांद दिखने की पुष्टि की है।
दारुल उलूम देवबंद की केंद्रीय रुएत-ए-हिलाल कमेटी ने बताया कि स्थानीय स्तर पर आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद देश के अन्य हिस्सों से चांद दिखने की प्रामाणिक गवाहियां मिली हैं, जिसके आधार पर 19 फरवरी से पवित्र माह की शुरुआत का निर्णय लिया गया है।
इमारत शरिया फुलवारी शरीफ पटना के काजी अंजार आलम कासमी के अनुसार, पटना में मौसम साफ न होने के कारण चांद नहीं दिखा, लेकिन रांची, लोहरदगा, दरभंगा, गया और नवादा जैसे स्थानों से मिली विश्वसनीय सूचनाओं के बाद रमजान के आगाज का औपचारिक ऐलान कर दिया गया। जामा मस्जिद दिल्ली और शाही जामा मस्जिद फतेहपुरी की रुएत-ए-हिलाल कमेटियों ने भी बैठक के बाद पुष्टि की कि पहली रमजान 19 फरवरी, गुरुवार को होगी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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