ग्रेटर नोएडा में 270 करोड़ का पानी बिल बकाया, प्राधिकरण ने दी कनेक्शन काटने की चेतावनी
ग्रेटर नोएडा। शहर के हजारों पानी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। अगर आपने अभी तक पानी का बकाया बिल जमा नहीं किया है तो इसे 31 मार्च से पहले जमा करना जरूरी है, अन्यथा 1 अप्रैल से बकाया राशि पर पूरे वित्तीय वर्ष 2026-27 का ब्याज जोड़ दिया जाएगा।
इसके साथ ही प्राधिकरण बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी भी कर रहा है, जिसमें पानी के कनेक्शन काटना भी शामिल है। जानकारी के अनुसार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में लगभग 51 हजार से अधिक पानी के कनेक्शन हैं। इनमें से 29 हजार से अधिक कनेक्शनों पर करीब 270 करोड़ रुपए का बकाया चल रहा है। सबसे ज्यादा बकाया बिल्डर सोसाइटियों पर है। आंकड़ों के मुताबिक, करीब 92 बिल्डर सोसाइटियों पर लगभग 150 करोड़ रुपए का जल शुल्क बकाया है।
इसके अलावा 28 हजार से अधिक आवासीय संपत्तियों, 6 आईटी इकाइयों, 321 संस्थागत इकाइयों, 763 औद्योगिक इकाइयों, 20 आवासीय समितियों और 21 व्यावसायिक संपत्तियों पर भी जल शुल्क का बकाया चल रहा है। प्राधिकरण की ओर से कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अब तक बिल जमा नहीं किया है। हालांकि, अब तक निवासियों को असुविधा से बचाने के लिए जल विभाग ने सख्ती नहीं की थी, लेकिन अब प्राधिकरण बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई के मूड में है। अधिकारियों के मुताबिक जो उपभोक्ता 31 मार्च तक बकाया राशि जमा नहीं करेंगे, उनके पानी के कनेक्शन काटे जा सकते हैं। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्राधिकरण ने ऑनलाइन बिल देखने और भुगतान करने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है। आवंटी प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर अपना बकाया बिल देख सकते हैं और भुगतान कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं की केवाईसी अपडेट है, उन्हें जल शुल्क से संबंधित जानकारी मैसेज और ई-मेल के माध्यम से भी भेजी गई है।
ये भी पढ़ें गाजियाबाद: 14 मार्च को सजेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, आपसी सहमति से मुकदमों के बोझ से मिलेगी मुक्तिअगर किसी उपभोक्ता को बकाया बिल या भुगतान से संबंधित कोई जानकारी चाहिए तो वे वरिष्ठ प्रबंधक (जल) के मोबाइल नंबर 9205691408 पर संपर्क कर सकते हैं। प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि जिस तरह शहर में जलापूर्ति सुनिश्चित करना प्राधिकरण की जिम्मेदारी है, उसी तरह समय पर पानी का बिल जमा करना आवंटियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि जल शुल्क से प्राप्त राशि का उपयोग शहर के जलापूर्ति नेटवर्क को बेहतर बनाने और नई सुविधाएं विकसित करने में किया जाता है। एसीईओ ने सभी बकायेदारों से अपील की है कि वे 31 मार्च से पहले अपना बकाया जल शुल्क जमा कर दें, ताकि बाद में बढ़े हुए ब्याज या सख्त कार्रवाई से बचा जा सके और किसी भी निवासी को अनावश्यक परेशानी न हो।
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