पटना के गर्ल्स हॉस्टल में लड़की की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों से मिले प्रशांत किशोर, नए सिरे से जांच की मांग की
जहानाबाद। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पटना के गर्ल्स हॉस्टल में एक लड़की की हुई संदिग्ध मौत के बाद उसके परिजनों से मिलने शुक्रवार को जहानाबाद पहुंचे और कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ हुए दुर्व्यवहार की आशंका के बाद पुलिस को इस मामले की नए सिरे से जांच करनी चाहिए। किशोर ने आज मीडिया से कहा कि छात्रा की मौत में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले को आत्महत्या का रूप दे रही है, जबकि परिजनों का आरोप है कि लड़की के साथ रेप भी हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद रेप की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले के बाद स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है। परिजनों ने आरोप लगाया कि वर्तमान जांच अधिकारी उन पर दबाव बना रहे हैं और केस वापस लेने की बात कह रहे हैं।
जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि यदि प्रारंभिक जांच में पुलिस प्रशासन से कोई चूक हुई है तो उसे सुधारा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसुराज के लोग कल पीड़िता के परिवार के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करेंगे, जिससे हर हाल में बच्ची को न्याय मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि न्याय नहीं मिला तो जन सुराज संविधान के दायरे में रहकर हर आवश्यक और लोकतांत्रिक कदम उठाएगा। किशोर ने कहा कि पीडिता की माँ एक हिम्मतवाली महिला हैं और तमाम प्रलोभनों से दूर वह अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहती है और जनसुराज पार्टी उन्हें इंसाफ दिलाने में हरसंभव मदद देगी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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