MP News: फिल्मी अंदाज में जेल से फरार कैदी 750 किमी दूर ससुराल से गिरफ्तार सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल

मध्य प्रदेश से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को चौंका दिया है। एक विचाराधीन कैदी ने जेल की ऊंची दीवार फांदकर फिल्मी अंदाज में फरार होने की योजना बनाई और उसे अंजाम भी दिया। हैरानी की बात यह है कि वह सैकड़ों किलोमीटर दूर अपने ससुराल तक पहुंच गया लेकिन आखिरकार पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इस घटना ने जेल सुरक्षा पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
10 दिन तक बनाई योजना फिर दीवार फांदकर हुआ फरार
कैदी ने जेल से भागने से पहले करीब 10 दिनों तक पूरी तैयारी की। उसने जेल के प्रहरियों की गतिविधियों पर नजर रखी और सही मौका देखकर दीवार फांदकर फरार हो गया। यह घटना 15 मार्च की बताई जा रही है जब उसने अपनी योजना को अंजाम दिया और जेल प्रशासन को चकमा दे दिया।
लिफ्ट और ट्रेन से तय किया 750 किलोमीटर का सफर
जेल से निकलने के बाद कैदी ने पहले सड़क पर गुजरने वाले वाहनों से लिफ्ट ली और बेरछा रेलवे स्टेशन तक पहुंचा। वहां से उसने लोगों से रुपये मांगकर तीन अलग अलग ट्रेनों का सफर तय किया और आखिरकार छत्तीसगढ़ के दल्लीराजहरा क्षेत्र में अपने ससुराल पहुंच गया। इस पूरे सफर में उसने किसी तरह खुद को बचाए रखा।
बच्चों की याद बनी फरार होने की वजह
कैदी ने पूछताछ में बताया कि वह कई महीनों से जेल में बंद था और उसकी जमानत नहीं हो पा रही थी। इस दौरान उसे अपने परिवार और बच्चों की बहुत याद आ रही थी जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया था। इसी कारण उसने जेल से भागने का फैसला लिया।
फरारी के दौरान टूटा पैर फिर भी पहुंच गया ससुराल
बताया जा रहा है कि जेल की दीवार कूदते समय उसका पैर टूट गया था। इसके बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी और लंबा सफर तय कर अपने ससुराल पहुंच गया। पुलिस को जैसे ही उसकी लोकेशन की जानकारी मिली टीम तुरंत वहां पहुंची और उसे पकड़कर वापस लाया गया।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
कैदी ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि उसे एक मामले में गलत तरीके से फंसाया गया और उस पर ज्यादा गंभीर धाराएं लगा दी गईं। उसके इन आरोपों के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जेल सुरक्षा पर खड़े हुए बड़े सवाल
इस घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। पहले भी इसी तरह की घटना सामने आ चुकी है जब एक कैदी दीवार फांदकर फरार हुआ था। अब दोबारा ऐसा होना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी कमी को दर्शाता है। मामले में एक प्रहरी को निलंबित किया गया है और सुरक्षा को मजबूत करने की बात कही जा रही है।
यह घटना सिर्फ एक फरारी नहीं बल्कि सिस्टम की कमजोरियों को उजागर करने वाला मामला बन गई है। कैदी का इस तरह भागना और सैकड़ों किलोमीटर दूर पहुंच जाना कई सवाल खड़े करता है।
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