मुजफ्फरनगर: अब गांव के घरों में भी कमरे दिए जा सकेंगे किराये पर, यूपी सरकार ने शुरू की होम-स्टे योजना
सरकार का दावा- गांवों में बढ़ेगा पर्यटन और रोजगार: घर के 6 कमरों तक को बना सकेंगे होटल, सरकार देगी ट्रेनिंग और बढ़ावा
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की है। अब गांव के साधारण घरों में रहने वाले लोग भी अपने खाली कमरों को पर्यटकों को किराये पर दे सकेंगे। 'यूपी होम-स्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति-2025' के तहत अब आपके घर को ही 'होम-स्टे' (Mini Hotel) के रूप में मान्यता मिल सकेगी, सरकार का दावा है कि इससे न केवल गांवों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीणों के लिए घर बैठे रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।
क्या है 'होम-स्टे' योजना? आसान भाषा में समझें
सरकार का मानना है कि अक्सर शहरों से आने वाले पर्यटक होटलों के बजाय गांवों की शुद्ध हवा, शांति और देसी खान-पान का अनुभव करना चाहते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 'होम-स्टे' योजना शुरू की है। इसके तहत:
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घर ही बनेगा होटल: यदि आपके पास गांव या शहर में अपना घर है, तो आप उसके 1 से लेकर 6 कमरों तक को पर्यटकों के रुकने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
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किराया और भोजन: आप पर्यटकों को अपने घर में ठहरा सकते हैं और उन्हें घर का बना शुद्ध देसी खाना (Bed and Breakfast) खिलाकर पैसे कमा सकते हैं।
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पंजीकरण है जरूरी: इसके लिए पर्यटन विभाग में पंजीकरण कराना होता है। मुजफ्फरनगर के आईटीआई में आयोजित गोष्ठी में अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया अब बहुत सरल कर दी गई है।
गांवों को मिलेगा पर्यटन का सीधा लाभ
जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल ने कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि मुजफ्फरनगर के गांवों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। शुकतीर्थ (शुक्रताल) और देवल जैसे ऐतिहासिक क्षेत्रों के आस-पास के गांवों में होम-स्टे शुरू होने से पर्यटकों को रुकने के लिए अच्छी जगह मिलेगी। इससे गांव के युवाओं और महिलाओं को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा।
गोष्ठी में 25 लोगों ने दिखाई रुचि, गाइड्स को मिली ट्रेनिंग आईटीआई में आयोजित गोष्ठी के दौरान करीब 25 लोगों ने मौके पर ही ऑफलाइन पंजीकरण कराया। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) कमल किशोर पंडारकर ने बताया कि सरकार केवल कमरों का पंजीकरण ही नहीं कर रही, बल्कि स्थानीय युवाओं को 'टूरिस्ट गाइड' के रूप में प्रशिक्षित भी कर रही है। लखनऊ से ट्रेनिंग लेकर लौटे चार लोकल गाइड्स को इस दौरान प्रमाण पत्र भी सौंपे गए, जो अब मुजफ्फरनगर आने वाले यात्रियों को यहां के इतिहास और संस्कृति की जानकारी देंगे।
कैसे करें आवेदन?
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविशंकर ने बताया कि अब तक जिले में 9 आवेदन आ चुके हैं। जो ग्रामीण अपने घर को होम-स्टे बनाना चाहते हैं, वे पर्यटन विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी आवासीय इकाई को पंजीकृत करा सकते हैं।
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बिजेंद्र सैनी वर्ष 1993 से निरंतर रॉयल बुलेटिन परिवार का एक अभिन्न हिस्सा हैं। तीन दशकों से अधिक के अपने गौरवशाली सफर में उन्होंने संस्थान को तकनीकी और संपादकीय, दोनों मोर्चों पर मजबूती दी है।
वर्तमान में वह कंप्यूटर विभाग के वरिष्ठ प्रमुख (Senior In-charge) के रूप में तकनीकी कमान संभालने के साथ-साथ संपादकीय टीम (Editorial Team) के एक महत्वपूर्ण सदस्य हैं। तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभवी लेखनी के अनूठे संगम के साथ बिजेंद्र सैनी रॉयल बुलेटिन की विश्वसनीयता और प्रगति में निरंतर अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।

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