मुज़फ्फरनगर में अधिग्रहण के सर्वे के खिलाफ किसानों की पंचायत, बोले– किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देंगे
मुज़फ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले के नई मंडी थाना क्षेत्र के शेरनगर गांव में सैकड़ों किसानों ने आवास विकास परिषद द्वारा उनकी भूमि अधिग्रहण के लिए किए जा रहे सर्वे का विरोध किया। सर्वे करने आए कर्मचारियों को किसानों ने गांव से वापस भेज दिया। इसके बाद गांव में एक बड़ी पंचायत का आयोजन किया गया।
शेरनगर के लियाकत प्रधान के आवास पर आयोजित इस पंचायत में किसानों ने सरकार पर कृषि भूमि अधिग्रहण के जरिए उनके शोषण का आरोप लगाया। किसानों का कहना था कि सरकार कृषि विकास के लिए योजनाएं बनाती है, लेकिन उनके भूमि अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी हालत में अपनी जमीन नहीं देंगे और आरोप लगाया कि यह अधिग्रहण नहीं बल्कि षड्यंत्र के तहत कब्जा करने की कोशिश है।
पंचायत की अध्यक्षता कर रहे अधिवक्ता सुकेश कुमार ने बताया कि शेरनगर की लगभग 4200 बीघा कृषि भूमि आवास विकास कॉलोनी के नाम पर अधिग्रहण की जा रही है। इस अधिग्रहण से सदर विधानसभा क्षेत्र के छह गांवों के लगभग हजार किसान परिवार प्रभावित हैं। प्रभावित गांवों में शेरनगर, बिलासपुर, धंधेडा, कूकड़ा, अलमासपुर और सरवट शामिल हैं।
सुकेश कुमार ने कहा कि अधिग्रहण के नाम पर उन्हें जो नोटिस मिले हैं उनमें स्पष्ट रूप से कोई अधिग्रहण का जिक्र नहीं है, जिससे उन्हें आशंका है कि उनकी जमीन को रेंट पूलिंग के तहत हड़पने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी भी प्रकार का सर्वे किया जाता है तो वह संवैधानिक दायरे में रहते हुए उसका विरोध करेंगे और सर्वे नहीं होने देंगे।
किसानों ने कहा कि वे अपनी जमीन किसी भी विभाग को किसी भी कीमत पर नहीं देने वाले हैं और अंतिम सांस तक अपनी भूमि के लिए संघर्ष करेंगे।
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