मुजफ्फरनगर में खतौली के आर्य समाज में यज्ञ और भजनों के साथ मना होली पर्व
होलिका मूल रूप से प्रकृति और कृषि से जुड़ा पर्व, वेद की शरण में ही विश्व शांति संभव: अमित शास्त्री
खतौली (मुजफ्फरनगर)। होली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में शिवपुरी स्थित आर्य समाज मंदिर में एक भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर सहारनपुर से पधारे मुख्य वक्ता अमित कुमार शास्त्री ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में केवल वेदों की शरण में आने पर ही विश्व शांति संभव है। उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती के ऐतिहासिक आह्वान 'वेदों की ओर लौटें' को दोहराते हुए जीवन को यज्ञमय बनाने पर बल दिया। उन्होंने यज्ञ की महिमा का वर्णन करते हुए एक विशेष बात कही। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश दूध, घी, समिधा या जल उपलब्ध न हो, तब भी श्रद्धा कम नहीं होनी चाहिए। ऐसी स्थिति में मौन रहकर मंत्रों का मानसिक उच्चारण करते हुए 'स्वाहा' के भाव से यज्ञ करना चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपने माता-पिता की सेवा को ही सबसे बड़ा धर्म मानने का आह्वान किया।
होली का वास्तविक अर्थ:'नव अन्न' का यज्ञ
कार्यक्रम में आचार्य कंवर पाल शास्त्री ने होली के ऐतिहासिक पक्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि होली का उत्सव सृष्टि के आदि काल से मनाया जा रहा है। वेदों में इसे 'नव शस्येष्टि' यानी नए अन्न के आने पर किया जाने वाला यज्ञ बताया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रहलाद और होलिका की पौराणिक कहानी को कालान्तर में इस उत्सव के साथ जोड़ा गया है, जबकि मूल रूप से यह प्रकृति और कृषि से जुड़ा पर्व है।
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बिजनौर से आए भजन उपदेशक मोहित शास्त्री ने अपने भजनों के माध्यम से जीवन की नश्वरता का संदेश दिया। उन्होंने 'हीरा जन्म मिला तो व्यर्थ गंवाया' जैसे भजनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। साथ ही महाशय जगमाल आर्य और सुरेंद्र आर्य ने भी सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी।
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कार्यक्रम का मुख्य यज्ञ राजेंद्र विश्वकर्मा के आवास पर संपन्न हुआ, जिसमें गोपाल कृष्ण अपनी पत्नी सहित मुख्य यजमान रहे। पुरोहित रामदेव शास्त्री और अजेश आर्य ने वैदिक रीति-रिवाज से आहुतियां दिलवाईं। इस आध्यात्मिक समागम में शोभाराम आर्य, चौधरी सुरेंद्र सिंह, महेश आनंद आर्य, सतीश, ऋषिपाल, जगदीश प्रधान, धीरेंद्र आर्य, जयपाल सिंह, देवेंद्र, भगवान सिंह, सुशील, सुनील, राजकुमार, शशिपाल, लाला बुद्धसिंह और पूरन सिंह समेत भारी संख्या में आर्य समाजी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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वरिष्ठ पत्रकार आरिफ सिद्दीकी पिछले 32 वर्षों से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार के एक अभिन्न स्तंभ हैं। मुज़फ्फरनगर के खतौली क्षेत्र की ज़मीनी समस्याओं और विकास के मुद्दों पर उनकी पकड़ बेमिसाल है। तीन दशकों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारिता करियर में उन्होंने हमेशा सत्य और निष्पक्षता का मार्ग चुना है। विश्वसनीय रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय विषयों पर उनकी गहरी समझ उन्हें क्षेत्र के सबसे अनुभवी पत्रकारों की श्रेणी में खड़ा करती है। खतौली की खबरों के लिए उनसे 9897846483 पर संपर्क किया जा सकता है।

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