एआई समिट प्रदर्शन मामला: दिल्ली हाईकोर्ट से यूथ कांग्रेस अध्यक्ष को बड़ी राहत
नई दिल्ली। एआई समिट प्रदर्शन मामले में यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु चिब को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट द्वारा पारित आदेश पर रोक लगा दी है, जिससे उनके खिलाफ चल रही कार्रवाई पर फिलहाल विराम लग गया है। जस्टिस सौरभ बनर्जी की बेंच ने यह फैसला सुनाया। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट के आदेश को स्थगित करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है। अदालत ने पुलिस से मामले में विस्तृत पक्ष रखने को कहा है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद उदयभानु चिब की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। उदयभानु चिब की तरफ से सीनियर वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कोर्ट के समक्ष दलीलें पेश की।
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ये भी पढ़ें ट्रंप ने तेहरान पर हमले का मकसद 'सरकार गिराना' बताया, ईरान की जनता से बोले,‘आपके पास आखिरी मौका’सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का ऑर्डर नहीं दिया गया। कोर्ट ने एकतरफ़ा ऑर्डर पास किया है और पुलिस उसे अभी भी कस्टडी में रखा हैं। कोर्ट ने चिब के वकील सिद्धार्थ लूथरा से पूछा कि इसमें इतनी जल्दी क्या है? इस पर लूथरा ने दलील दी कि यह लिबर्टी से जुड़ा मामला है। इससे पहले, पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दी थी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने उदय भानु चिब को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि क्राइम ब्रांच रिमांड बढ़ाने की जरूरत के पर्याप्त कारण नहीं बता पाई। कोर्ट ने जमानत देते हुए उदय भानु चिब को पासपोर्ट कोर्ट में जमा करवाने का आदेश दिया है।
साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स कोर्ट के सामने सरेंडर करने का भी आदेश दिया गया। कोर्ट के आदेश के बाद यूथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "सत्यमेव जयते। उदय भानु चिब को जमानत मिली। आधी रात में जब देश सो रहा था, न्याय पालिका दिल्ली क्राइम ब्रांच की हर साजिश को नाकाम कर रही थी। आधी रात में पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने उदय भानु चिब की 7 दिनों की रिमांड बढ़ाने की अर्जी दी, जिसे न्यायपालिका ने नकारते हुए उदय भानु चिब को जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया।"
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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