बिहार : शहीद सुबेदार संतोष कुमार की पत्नी को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सौंपे 1 एकड़ जमीन के कागजात
बोले-शहीदों के परिजनों के साथ मजबूती से खड़ी मोदी-नीतीश सरकार
पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गया जिले के गुरुआ प्रखंड में मां भारती के सपूत शहीद सुबेदार संतोष कुमार की पत्नी कनक कुमारी को 1 एकड़ बंदोबस्त जमीन के कागजात सौंपे । यह जमीन परैया अंचल के मौजा मंझियावां, थाना संख्या 126, खाता संख्या 331, खेसरा संख्या 2340 में स्थित है, जिसका रकबा 1.00 एकड़ है।
साेमवार काे कागजात साैंपने के बाद
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सुबेदार संतोष कुमार ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। एनडीए सरकार शहीदों की शहादत को नमन करती है और उनके परिजन के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि बलिदानियों के सपनों को पूरा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
सम्राट चौधरी ने कहा-मेरे पिता भी सैनिक थे और उन्होंने तीन-तीन युद्ध लड़े हैं। मैं सैनिक परिवार के त्याग और समर्पण को भली-भांति समझता हूं। बिहार और दिल्ली की एनडीए सरकार शहीद परिवारों के सम्मान और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने हाल ही में अमोखर स्थित शहीद सुबेदार संतोष कुमार की प्रतिमा का अनावरण करते हुए बलिदानी परिवार से जमीन देने का वादा किया था, जिसे पूरा किया।
सुबेदार संतोष कुमार फरवरी 2025 में लेह-लद्दाख में हुए एक बम विस्फोट में शहीद हो गए थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहीद के परिवार के हर सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान गुरुआ विधायक श्री उपेंद्र प्रसाद, गया जी के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय उपसमाहर्ता परितोष कुमार मौजूद रहे।
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मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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