शामली में जाति प्रमाण पत्र की जंग: 5 साल की भागदौड़ के बाद डीएम से लगाई गुहार
शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में सरकारी तंत्र की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति पिछले पांच साल से अपने जाति प्रमाण पत्र के लिए दर-दर भटक रहा है। बनत कस्बे के प्रतापनगर निवासी कपिल रावत पुत्र करतार सिंह रावत ने जिलाधिकारी (डीएम) शामली को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की मांग की है। रावत जाति से संबंधित होने के बावजूद, जो अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है, उन्हें नया प्रमाण पत्र जारी करने में अधिकारियों की ओर से बार-बार अनदेखी का सामना करना पड़ रहा है।
कपिल रावत ने शिकायती पत्र में बताया कि उनका पुराना जाति प्रमाण पत्र 23 मार्च 2021 को जारी किया गया था, जिसका आवेदन संख्या 212060030015637 और प्रमाण पत्र संख्या 742214001249 है। अब किसी आवश्यक कार्य के लिए उन्हें नए प्रमाण पत्र की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने जन सेवा केंद्र पर आवेदन किया, जिसकी संख्या 252060030031013 है, लेकिन हलका लेखपाल द्वारा इसे जारी करने से इनकार किया जा रहा है। रावत का कहना है कि वे पिछले पांच साल से तहसील के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन न तो लेखपाल और न ही अन्य अधिकारी उनकी सुनवाई कर रहे हैं।
मामले को और गंभीर बनाते हुए, रावत ने उल्लेख किया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग की 10वीं ताल इंदिरा भवन लखनऊ ने भी उपजिलाधिकारी शामली को उनके प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। पत्र में रावत ने डीएम से अपील की है कि वे हलका लेखपाल को निर्देश दें और उनके प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को जल्द पूरा करवाएं।
यह घटना सरकारी कार्यालयों में व्याप्त नौकरशाही और लालफीताशाही की ओर इशारा करती है, जहां आम आदमी की छोटी-छोटी जरूरतें भी सालों तक लंबित रहती हैं।
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