आगरा में हनी ट्रैप का भंडाफोड़: कानपुर का सिपाही गिरफ्तार, लाखों की वसूली में थी संलिप्तता
आगरा - उत्तर प्रदेश के आगरा में हुए हनी ट्रैप कांड के मामले में पुलिस के सिपाही रियाज को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सिपाही कानपुर आयुक्तालय में में तैनात था और हनी ट्रैप कांड में उसकी संलिप्तता सामने आने के बाद आगरा पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि सिपाही रियाज हनी ट्रैप गैंग में शामिल था। आगरा पुलिस ने कानपुर में दबिश देकर रियाज को गिरफ्तार किया है। अभी रियाज से पूछताछ की जा रही है और पूछताछ के बाद उसको जेल भेज दिया जाएगा। हाल ही में थाना कमला नगर इलाके में हनी ट्रैप गैंग का पुलिस ने खुलासा किया था जिसमें पुलिस ने एक महिला और उसके पुरुष साथी गणेश को पहले ही जेल भेज चुकी है।
दरअसल कमला नगर निवासी एक युवक के पास छह सितंबर को एक महिला की मिस कॉल आई। पीड़ित युवक ने वापस कॉल किया तो महिला ने कॉल को उठाया। महिला ने पीड़ित युवक को अपनी बातों में फंसाया। कई दिनों की बातचीत के बाद महिला ने युवक से मिलने के लिए बुलाया। मिलने के बाद दोनों लोग एक होटल में गए और वहां पर कोलड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला कर युवक को बेहोश कर दिया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर गैंग के लोगों ने पीड़ित युवक से लाखों रुपए की रकम वसूलने की कोशिश की तो युवक ने एक दिसंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। युवक की शिकायत पर पुलिस ने इस गैंग का खुलासा किया था। सिपाही रियाज की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को अभी भी दो और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां