आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बेकाबू कार ने दो मजदूरों को कुचला, एक की मौत
इटावा । जनपद में थाना ऊसराहार क्षेत्र अंतर्गत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सोमवार को 128 किलोमीटर पर बेकाबू कार ने दो मजदूरों को कुचल दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल मजूदरों समेत कार चालक को इलाज के लिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजा, जहां एक मजदूर की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, एक होंडा अमेज […]
इटावा । जनपद में थाना ऊसराहार क्षेत्र अंतर्गत आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सोमवार को 128 किलोमीटर पर बेकाबू कार ने दो मजदूरों को कुचल दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल मजूदरों समेत कार चालक को इलाज के लिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजा, जहां एक मजदूर की मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, एक होंडा अमेज कार गुड़गांव से लखनऊ की ओर जा रही थी। गाड़ी के चालक सचिन अरोड़ा पुत्र केवल किशोर अरोड़ा निवासी सेक्टर 58 गुड़गांव, हरियाणा चला रहा था।
जैसे ही गाड़ी आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर इटावा से गुजरते समय 128 किलोमीटर पर पहुंची तभी चालक को नींद की झपकी आ गई और कार डिवाइडर से टकराती हुई रोड पर पलट गई।
इसकी चपेट में आने से एक्सप्रेसवे पर काम कर रहे मजदूर राकेश पुत्र हरीराम निवासी खरगुआ थाना उसराहार इटावा 48 वर्ष और पप्पू उर्फ़ निरमेश पुत्र महाराज सिंह निवासी खरगुआ थाना उसराहार इटावा 45 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे में कार चालक और मजदूरों समेत सभी घायलों को तत्काल एंबुलेंस से पीजीआई सैफई भेजा गया है। इधर, हादसे से गुस्साएं मजदूरों ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर जाम लगा दिया है जिससे बड़ी संख्या में गाड़ियां खड़ी हो गई है।
माैके पर पहुंची पुलिस ने क्षतिग्रस्त गाड़ी को चौकी कुदरैल पर भेजते हुए लोगों को समझा-बुझाकर आवागमन सुचारू कराया। घटना में घायल दो मजदूरों में पप्पू उर्फ निरमेश की इलाज के दौरान सैफई में मौत हो गई।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां