65 लाख की टंकी… एक दिन भी नहीं चली! टेस्टिंग से पहले ही फटी, अब अपनी ही सरकार पर उठे सवाल

बुंदेलखंड। महोबा जिले में करीब 65 लाख रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी, टेस्टिंग से एक दिन पहले ही फट गई। यह टंकी केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई थी, जिसका उद्देश्य हर घर तक साफ पानी पहुंचाना है।
घटना ने विकास के दावों और जमीन पर हकीकत के बीच के अंतर को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टंकी चालू होने से पहले फटना सिर्फ निर्माण की गलती नहीं, बल्कि पूरी निगरानी व्यवस्था की चूक है।
ये भी पढ़ें जंगलों में आग लगने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लखनऊ मुख्यालय में अग्नि नियंत्रण सेल सक्रिय सबसे हैरानी की बात यह है कि इस मामले में सवाल विपक्ष से नहीं, बल्कि खुद सत्ताधारी दल के विधायक, भाजपा के बृजभूषण राजपूत, उठा रहे हैं। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदार अधिकारियों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
ये भी पढ़ें "जरा मेरे लिए पकौड़े ले आओ..." पति को लालच देकर बस से गायब हुई दुल्हन, इमरान के साथ हुई फरार विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बुंदेलखंड जैसे जल संकट वाले क्षेत्र में ऐसी घटनाएं न केवल सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती हैं, बल्कि लोगों के भरोसे को भी प्रभावित करती हैं।
अब सवाल यह है कि इस मामले में जिम्मेदारी तय होगी या यह भी जांच, फाइल और ठेकेदार के बीच “रिस” हो जाएगी।
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