मेरठ: जमीन की फर्जी बिक्री कर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार
मेरठ। थाना सरधना व स्वाट टीम ने फर्जी तरीके से धोखाधड़ी कर जमीन खरीदने,बेचने के नाम पर रूपयों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर मुख्य सरगना सहित 4 अभियुक्त गिरफ्तार किए हैं। मोहित चौधरी S/0 सतवीर सिंह ग्राम नूरपुर मुरादनगर थाना मसूरी गाजियाबाद द्वारा थाना सरधना पर जशवीर उर्फ गुप्ता उर्फ शर्मा पुत्र कमल सिंह निवासी समयपुर थाना मुण्डाली, दीपक उर्फ रोहित पुत्र राजपाल सिंह निवासी बडला कैथवाडा थाना मुण्डाली, धीरज उर्फ गुलहसन उर्फ गुलफाम उर्फ रवि पुत्र फारुख निवासी फतेहउल्ला लोहियानगर, अनिल पुत्र राजबीर व अनिल का बड़ा लडका निवासीगण ग्राम कुशावली थाना सरधना के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। थाना सरधना की पुलिस टीम व स्वाट टीम द्वारा गुलहसन, जगमोहन को भामौरी व अभि0गण, जशवीर और दीपक को तहसील तिराहे के पास से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए लोग एक संगठित गिरोह बना रखा था। जिसका मुख्य सरगना जसवीर तोमर उर्फ गुप्ता उर्फ शर्मा पुत्र कमल सिंह है। जो दिल्ली का बडा सेठ बनकर काम करता है तथा दूसरी पार्टी में दो लोग जो किसी तीसरी पार्टी चाहे वह दुकानदार हो या मेडिकल वाला हो के पास जाकर उससे सामान खरीदते है और उसका किसी तरह से मोवाईल नम्बर लेकर मुख्य सरगना जसवीर के पास भेज देते है और उसी समय जसवीर का उसी दुकानदार के पास गुप्ता या शर्मा जी बनकर फोन आता है कि मुझे खेल यूनिवर्सिटी के पास 25-30 बीघा जमीन की आवश्यकता है। फैक्ट्री लगाने के लिए यदि कोई जानकारी हो तो बताना, सामान लेने वाले व्यक्ति यह बात सुन लेते और कहते है हम लोग भी छोटा मोटा प्रोपर्टी का काम करते हैं और कोई पार्टी मिले तो बताना इसके बाद यह लोग वहां से चले जाते है और दो तीन दिन बाद उसी दुकान पर फिर से आते और दुकानदार से कहते कि मैने पता किया है कि खेल यूनिवर्सिटी के पास एक किसान की जमीन बिक रही है मैं किसान से मिला हूं।
15 लाख रूपये बीघा जमीन दे रहा है और हम लोग दिल्ली वाली पार्टी को 17 लाख रूपये में बेच देंगे और जो फायदा होगा उसको आपस में बांट लेगें। इसी विश्वास में दुकानदार और जमीन खरीदने वाली पार्टी किसान के पास जाते और मीटिंग के बाद जमीन तय होता है तय मुताबिक किसान 10 प्रतिशत टोकन मनी नगद मांगता है जिसमें से खरीदने वाली पार्टी आपने पास लाये पैसे तथा दुकानदार से उस जमीन में साझा होने के लिए कुछ पैसा कम होने का बहाना देकर दुकानदार से कहते है कि आप अपने पास से बकाया पैसा दे दो मैं आपको जल्द ही पैसा वापस कर दूंगा। रूपये लेकर वह उस किसान को दे देते है और दुकानदार द्वारा दिये पैसे किसान, शर्मा जी तथा दुकान पर जाकर मोबाईल नम्बर उपलब्ध कराने वाली तीनों पार्टी आपस में बांट लेती। इसके बाद तीनों अपना-2 मोबाईल फोन बन्द कर लेते। जिसमें दुकान दार द्वारा दिये गये टोकन मनी को धोखाधड़ी कर हडप लेते थे। इस तरह से यह लोग मिलकर काम करते हैं।
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