यूपी में सबसे अधिक राजस्व मामलों के निपटारे में लखनऊ अव्वल, दूसरे स्थान पर प्रयागराज
जनपदीय न्यायालयों में जौनपुर ने फिर मारी बाजी, भदोही दूसरे और बिजनौर तीसरे पायदान पर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन और राजस्व से जुड़े विवादों को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति रंग ला रही है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की फरवरी माह में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 15,981 मामलों को निस्तारित किया गया है जबकि दूसरे स्थान पर प्रयागराज रहा है। वहीं जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। सीएम योगी हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते हैं, जिससे अधिकारियों में जवाबदेही बढ़ी है। योगी सरकार की इस विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है।
प्रदेश में 3,34,538 मामलों का निस्तारण
राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी माह के दौरान प्रदेश भर में कुल 3,34,538 मामलों का निस्तारण किया गया है। इस सूची में राजधानी लखनऊ ने 15,981 मामलों का निस्तारण करके बाजी मारी है, जबकि प्रयागराज में 14,132, आजमगढ़ में 9,333, जौनपुर में 8,912 तथा बाराबंकी में 8,378 राजस्व मामले निस्तारित किये गये। वहीं गुणवत्ता और मानक के मामले में जौनपुर ने अपना दबदबा कायम रखा है, जो पिछले 15 महीनों से टॉप-5 में बना हुआ है।
ये भी पढ़ें यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हमला: सीएम योगी ने लिया संज्ञान, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देशजिला स्तरीय न्यायालयों में जौनपुर अव्वल
राजस्व परिषद की रिपोर्ट के मुताबिक, जिला स्तरीय न्यायालयों के प्रदर्शन पर गौर की जाए, तो जौनपुर जिले में 5 राजस्व न्यायालयों ने निर्धारित मानक (250 केस) के मुकाबले 542 मामलों का निस्तारण किया, जो कि 216.80% की उपलब्धि है। अन्य टॉप 5 जिला न्यायालयों के प्रदर्शन में 300 के सापेक्ष 381 मामलों के निस्तारण के साथ बस्ती दूसरे और प्रतापगढ़ 300 के सापेक्ष 353 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर रहा है।
जिलाधिकारी न्यायालय में जौनपुर टॉपर
जौनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय ने 30 के मानक के सापेक्ष 86 मामले (286.67%) निपटाकर प्रदेश में प्रथम स्थान पाया। इसके बाद भदोही और बिजनौर का नंबर आता है। प्रशासनिक सक्रियता और सीएम की मॉनीटरिंगलखनऊ के डीएम विशाख जी अय्यर और आजमगढ़ के डीएम रविंद्र कुमार ने इस सफलता का श्रेय नियमित समीक्षा बैठकों और लंबित प्रकरणों के लिए चलाए गए विशेष अभियानों को दिया है।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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