वक्फ की जमीन पर आरा मशीन ठेकेदार की दबंगई, कोर्ट से हारने के बाद भी डाल रहा लेंटर
मेरठ। शहर में सैयद कमानग्रान वक्फ, मोहल्ला भटीपुरा देहली रोड पर विश्व ख्याति प्राप्त सैयद एजाजुद्दीन शाह, पॉपुलर मराठी के बुजुर्गों एक कब्रिस्तान है। जिसकी देखभाल उनके भाई सैयद सलीमुद्दीन शाह खानदानी मुतवल्ली के तौर पर वक्फ बोर्ड द्वारा संचालित करते हैं। वक्फ बोर्ड के एक तथाकथित दलाल जो मेरठ में इस काम को करता है, उसने एक कमेटी कुछ लोगों की असंवैधानिक। एक्सपार्टी बना लाया। जबकि पॉपुलर साहब का भाई दो माह के लिए उमरा करने गये थे। उनकी इस वक्फ सम्पत्ति में एक कारखाना आरा मशीन है।
जिसमें उनकी ओर से ठेके पर दी हुई थी। इस ठेकेदार शाहनवाज पुत्र अब्दुल अजीज, देहली गेट, से पूरे 22 वर्षों से वक्फ ट्रिब्यूनल न्यायालय में चल रहा था। ठेकेदार वर्ष 2022 में मुकदमा हार गया। ठेकेदार मुकदमा हार जाने के बाद भी बिना वक्फ बोर्ड परमिशन के आरा मशीन कारखाने पर छत डाल रहा है। इसकी मदद एक तथाकथित युवक जो कि अपने को वकील बताता है, तनवीर इलाही पुत्र अशफ़ाक इलाही थाना कोतवाली साथ में है। जो कि अपराधिक प्रवृत्ति का है। इस पर पहले जिस पर अपराधिक केस चल रहे हैं। लेंटर को अपर जिला मजिस्ट्रेट (नगर) मेरठ के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक गया है। जिसको मौके पर थाना रेलवे रोड, थाना निरीक्षक जनार्दन प्रसाद जी ने सब इंस्पेक्टर नवनीत गंगवार ने मौके पर जाकर रुकवाया था। लेकिन इसके बाद भी ठेकेदार लेंटर डालने की कोशिश कर रहा है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

टिप्पणियां