मेरठ: छुट्टी पर घर आए यूपी पुलिस के सिपाही और उसके बेटे पर जानलेवा हमला, दबंगों ने पैर पर चढ़ाई गाड़ी
मेरठ। जनपद में कानून के रखवालों पर भी हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला मेरठ के थाना लोहिया नगर क्षेत्र का है, जहां बाराबंकी में तैनात यूपी पुलिस के एक सिपाही और उसके परिवार पर दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने सिपाही के पैर पर गाड़ी चढ़ा दी और बाद में लाठी-डंडों व हथियारों से लैस होकर पूरे परिवार को लहूलुहान कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुधीर कुमार तालियान पुत्र रामभूल सिंह, जो कि वर्तमान में जनपद बाराबंकी के थाना टिकैत नगर में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं, मेरठ के ऐसपन गार्डन (एरा ग्रुप) में अपना मकान बनवा रहे हैं। वे मकान की छत डलवाने के लिए 5 दिन की छुट्टी पर मेरठ आए हुए थे।
आरोप है कि 26 फरवरी 2026 की शाम करीब 5:30 बजे जब उनके घर के बाहर सेंट्रिंग का सामान गाड़ी में लोड हो रहा था, तभी अभिषेक पूनिया पुत्र योगेश पूनिया अपनी स्कॉर्पियो कार (UP15 EW 7905) से वहां आया और रास्ता हटाने को लेकर गाली-गलौज करने लगा। जब सिपाही ने साइड से निकलने को कहा, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए चला गया।
पैर पर चढ़ाई गाड़ी, फिर रॉड और लाठियों से हमला
पीड़ित सिपाही का आरोप है कि करीब 15 मिनट बाद आरोपी अभिषेक वापस आया और सड़क किनारे खड़े सिपाही के पैर पर अपनी गाड़ी चढ़ा दी। जब घायल सिपाही अपने बेटे और साले के साथ पुलिस चौकी जा रहे थे, तभी रास्ते में अभिषेक ने 7-8 अज्ञात साथियों के साथ लोहे की रॉड, लाठी-डंडों और हथियारों से उनकी गाड़ी रुकवा ली। हमलावरों ने सिपाही और उनके बेटे को गाड़ी से खींचकर बुरी तरह पीटा और जान से मारने की नीयत से उन पर हमला किया।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप
पीड़ित कांस्टेबल सुधीर कुमार ने लोहिया नगर थाना पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रार्थना पत्र के अनुसार:
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घटना के बाद डायल 112 और थाना पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस काफी देर से पहुंची।
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पुलिस ने आरोपियों के पक्ष में झुकाव दिखाते हुए सिपाही पर ही समझौते का दबाव बनाया और कहा कि "आप भी पुलिस में हो, मामला निपटा लो"।
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सिपाही का आरोप है कि SHO ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज चेक करने की मांग को भी अनसुना कर दिया।
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मामले में देरी से FIR दर्ज की गई और आरोपियों के खिलाफ मामूली धाराएं लगाई गईं, जबकि हमलावरों ने पिस्टल से फायरिंग करने का भी प्रयास किया था।
एसएसपी से न्याय की गुहार पीड़ित सिपाही ने अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मेरठ को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने बिना सीसीटीवी फुटेज लिए और बिना सही जांच किए ही मुकदमा संख्या 191/26 दर्ज किया है, जिससे उसे न्याय मिलने की उम्मीद कम लग रही है।
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