मुरादाबाद में भड़काऊ नारों वाले पोस्टर से विवाद, विहिप नेत्री रीता पाल की तस्वीरें भी शामिल
शहर के व्यस्त बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए इन पोस्टरों ने लोगों और राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है। कई स्थानीय नागरिकों ने पोस्टरों की भाषा और संदेश पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन भी मामले को गंभीरता से देख रहा है। पोस्टरों में बाबरी मस्जिद का अप्रत्यक्ष उल्लेख होने से मामला और संवेदनशील हो गया है, क्योंकि यह विषय पहले से ही सामाजिक और राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये पोस्टर स्वयं रीता पाल या उनके समर्थकों द्वारा लगवाए गए हैं या फिर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उनकी तस्वीर का दुरुपयोग किया गया है। इस बीच, इसी तरह का एक पोस्टर उनके निजी आवास की दीवार पर भी चस्पा पाया गया है, जिससे मामले ने और तूल पकड़ लिया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पोस्टरों की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन्हें किसने और किस उद्देश्य से लगाया।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय प्रशासन सतर्क है और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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