टीएमयू लॉ की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में वैश्विक सहभागिता, यूएसए, मॉरीशस और नेपाल के विशेषज्ञ वर्चुअली जुड़े

मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन वैश्विक सहभागिता के साथ हुआ। “बिल्डिंग डेमोक्रेसी थ्रू लॉ एंड इन्फॉर्मेशन” विषय पर आयोजित इस कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन देश-विदेश के प्रतिष्ठित कानूनी शिक्षाविदों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लेकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
संगोष्ठी के दूसरे दिन ब्लेंडेड मोड में आयोजित सत्रों में अमेरिका की जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी से लॉ के प्रोफेसर रिचर्ड एल. रॉ, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी मॉरीशस से प्रोफेसर भावना महादेव और नेपाल की त्रिभुवन यूनिवर्सिटी से प्रोफेसर राजीव बस्तौला ने बतौर की-नोट स्पीकर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती में कानून और सूचना की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला और वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में कानूनी शिक्षा के बदलते स्वरूप पर चर्चा की।
ये भी पढ़ें मथुरा में फरसा वाले बाबा की मौत का मामला: विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष ने दर्ज कराई एफआईआरगौरतलब है कि इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने मुख्य अतिथि के रूप में किया था, जबकि डॉ. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी, लखनऊ के कुलपति प्रो. आर.के. मित्तल ने की-नोट स्पीकर के रूप में अपने विचार रखे थे।
टीएमसीएलएलएस के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित ने अपने संबोधन में कहा कि यह संगोष्ठी शोधार्थियों और विधि संकाय के शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी, जहां उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिला है।
समापन सत्र (वेलिडिक्ट्री) में एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र भारतीय समाज की मूल विशेषता है और इसे मजबूत बनाए रखने में कानून की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने लॉ के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इमोशनल इंटेलिजेंस (EI) के बीच संतुलन और समन्वय बेहद जरूरी है।
कॉन्फ्रेंस के दौरान आयोजित तकनीकी सत्रों में कुल 21 ऑफलाइन और 43 ऑनलाइन शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जो इस आयोजन की अकादमिक गंभीरता और व्यापकता को दर्शाते हैं। इन सत्रों में एचएनबी गढ़वाल यूनिवर्सिटी के पूर्व डीन प्रो. सुभाष चंद्र गुप्ता, एमएमएच कॉलेज गाजियाबाद की प्रो. अपर्णा मल्होत्रा और केजीके कॉलेज मुरादाबाद के प्रो. अजय कुमार सिंह समेत कई शिक्षाविदों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वेलिडिक्ट्री सत्र में प्रिंसिपल प्रो. एस.के. सिंह, विभागाध्यक्ष डॉ. अमित वर्मा, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. बिष्णानंद दुबे, श्री योगेश गुप्ता, डॉ. कृष्णमोहन मालवीय, डॉ. सुशीम शुक्ला, डॉ. अतुल कुमार, डॉ. साक्षी गुप्ता, डॉ. नम्रता जैन और श्री सौरभ बटार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, यह अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी न केवल अकादमिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हुई, बल्कि इसने वैश्विक स्तर पर विधि शिक्षा और लोकतंत्र के बीच संबंधों को समझने का एक सशक्त मंच भी प्रदान किया।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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