यूपी में सुरक्षा और स्वावलंबन से बदली 'आधी आबादी' की तस्वीर,18 लाख महिलाएं बनी 'लखपति दीदियां'
आगरा में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य का दावा:महिला अपराधों में 34 फीसदी आई गिरावट

आगरा। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के सफल 9 वर्ष पूरे होने पर आगरा में विकास की नई गाथा लिखी गई। महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने एक प्रेस वार्ता के दौरान विभाग की उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब महिला सशक्तिकरण केवल कागजी नारा नहीं, बल्कि धरातल पर उतरती एक ठोस हकीकत है। सरकार ने पिछले नौ वर्षों में सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का एक ऐसा मॉडल तैयार किया है, जहाँ बेटियां और महिलाएं अब अवसर खोजने के बजाय अवसर पैदा कर रही हैं।
मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कानून व्यवस्था पर चर्चा करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण अपराधियों में भय व्याप्त है। वर्ष 2016 में जहाँ यूपी-112 का रिस्पॉन्स टाइम 1 घंटा 5 मिनट हुआ करता था, वह 2025-26 में घटकर मात्र 06 मिनट 41 सेकंड रह गया है। आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में बलात्कार की घटनाओं में 33.92%, अपहरण में 17.03% और घरेलू हिंसा में 9.54% की ऐतिहासिक कमी आई है। पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाते हुए 44,000 से अधिक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
आर्थिक क्रांति: आर्थिक सशक्तिकरण की बयार
बेबी रानी मौर्य ने आर्थिक सशक्तिकरण को समाज की रीढ़ बताया। उन्होंने जानकारी दी कि 'लखपति दीदी योजना' के तहत 35 लाख महिलाओं की पहचान की गई, जिनमें से 18.55 लाख महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों (SHG) से 1 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। बीसी सखियों ने 42,711 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन कर बैंकिंग सेवाओं को गाँव-गाँव पहुँचाया है। औद्योगिक क्षेत्रों में 'नाइट शिफ्ट' की अनुमति मिलने से महिला श्रम बल की भागीदारी 13% से बढ़कर अब 36% तक पहुँच गई है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत
उत्तर प्रदेश में आर्थिक मोर्चे पर भी महिलाओं की भागीदारी अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 9.43 लाख स्वयं सहायता समूहों से 1.06 करोड़ से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है। यही महिलाएं आज गांव-गांव में आर्थिक गतिविधियों की नई धुरी बन रही हैं। यह अपने आप में ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत है।
कोख से करियर तक सरकार का साथ
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार बेटी के जन्म से लेकर उसकी शादी और करियर तक साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि कन्या सुमंगला योजना में 26.81 लाख बेटियों को सीधा लाभ मिला है। वहीं प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 5.20 लाख गरीब बेटियों के हाथ पीले कराए गए।इसी प्रकार मातृ-वंदना योजना से 60 लाख माताओं को लाभ मिला, जिससे शिशु मृत्यु दर और कुपोषण (स्टंटिंग) में 6.6% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
आंगनबाड़ी कर्मियों का बढ़ा मानदेय
प्रेस वार्ता के अंत में मंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि जमीनी स्तर पर काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं का मानदेय अप्रैल 2026 से बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। 1.90 लाख केंद्रों को प्री-स्कूल के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ी की नींव और मजबूत होगी।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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