गौतम अडानी को लगा जोरदार झटका, फोर्ब्स की सूची में सातवें स्थान पर पहुंचे, मुकेश अंबानी 11 वें पर
नई दिल्ली। देश के सबसे अमीर शख्स गौतम अडाणी की संपत्ति में पिछले दो दिनों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। दुनिया के अमीरों की सूची में टॉप 5 की सूची से अडाणी बाहर हो गए हैं। फोर्ब्स रियलटाइम बिलेनियर की सूची में वे चौथे स्थान से खिसककर सातवें पायदान पर पहुंच गए हैं। फोर्ब्स […]
नई दिल्ली। देश के सबसे अमीर शख्स गौतम अडाणी की संपत्ति में पिछले दो दिनों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। दुनिया के अमीरों की सूची में टॉप 5 की सूची से अडाणी बाहर हो गए हैं। फोर्ब्स रियलटाइम बिलेनियर की सूची में वे चौथे स्थान से खिसककर सातवें पायदान पर पहुंच गए हैं।
फोर्ब्स रियलटाइम बिलेनियर की शुक्रवार को जारी सूची के मुताबिक गौतम अडाणी की संपति 22.6 अरब डॉलर घटकर 96.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई है। अडाणी की संपत्ति में यह गिरावट अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट सामने आने के बाद दर्ज की गई है। इस रिपोर्ट में अडाणी समूह के बही-खातों में गड़बड़ी की बात कही गई है।
सूची के मुताबिक दुनिया के शीर्ष अरबपतियों में फ्रांस के बर्नार्ड अर्नाल्ट 215 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ पहले नंबर पर बने हुए हैं। दूसरे पायदान पर टेस्ला के सीईओ एलन मस्क हैं, जिनकी संपत्ति 170.1 अरब डॉलर है। अमेजन के सह-संस्थापक जेफ बेजोस 122.4 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ तीसरे स्थान पर हैं। वहीं, भारत के दूसरे सबसे अमीर मुकेश अंबानी फोर्ब्स रियलटाइम बिलेनियर सूची में 83.6 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ 10वें नंबर पर हैं।
भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। शेयर बाजार में आज की गिरावट से निवेशकों के करीब 6.5 लाख करोड़ रुपये डूब गए। बाजार की गिरावट में अडाणी समूह के शेयरों में बिकवाली का बड़ा योगदान है। दरअसल हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद अडाणी समूह कंपनियों में 20 फीसदी तक गिरावट की रही। समूह की प्रतिनिधि कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज 20 हजार करोड़ रुपये का अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) आज ही लेकर आई थी।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां