मुजफ्फरनगर में बिंदल ग्रुप पर आयकर छापा तीसरे दिन भी जारी, बैंक लॉकर की भी की गई जांच, आज 'रेड' खत्म होने की संभावना

मुजफ्फरनगर: जनपद के प्रतिष्ठित औद्योगिक घराने ‘बिंदल ग्रुप’ (मेसर्स बिंदल्स पेपर्स मिल्स लिमिटेड) और उनके करीबियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई शनिवार सुबह तक भी जारी रही। बुधवार तड़के 'शिवा वेड्स गौरी' के स्टिकर लगी गाड़ियों में आए अधिकारियों ने जिस तरह से घेराबंदी की, उसने पूरे जनपद के व्यापारिक जगत को हिला कर रख दिया है। तीन दिनों से जारी इस जांच में विभाग के अनुसार अब तक करोड़ों की अघोषित संपत्ति और वित्तीय हेराफेरी के बड़े सबूत हाथ लगे हैं।
जांच में हुए बड़े खुलासे और बरामदगी
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में जो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:, उनमे-
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नगदी और ज्वेलरी: विभाग ने अब तक 3 करोड़ रुपये से अधिक की नगदी और 15 करोड़ रुपये से अधिक के कीमती आभूषण बरामद किए हैं।
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टैक्स चोरी का गणित: जांच में पाया गया कि समूह ने अपनी कागज इकाई, विद्युत संयंत्र और चीनी मिल के लिए अलग-अलग बैलेंस शीट नहीं रखी थी। इस अनियमितता के कारण आयकर अधिनियम की धारा 80आईए के तहत दावा की गई ₹171.3 करोड़ की टैक्स कटौती अब निरस्त होने की कगार पर है।
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फर्जी खरीद के दस्तावेज: कागज उत्पादन से संबंधित ₹50 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध या फर्जी खरीद के दस्तावेज भी विभाग के हाथ लगे हैं।
जानिए Section 80IA: टैक्स छूट का क्या हुआ गलत इस्तेमाल ?
यह धारा मुख्य रूप से इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, बिजली उत्पादन (Power Plants), और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में निवेश करने वाली कंपनियों को लाभ (Deduction) देने के लिए बनाई गई है।
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बिंदल ग्रुप का मामला: ग्रुप के पास अपने बिजली संयंत्र (Power Plants) हैं। उन्होंने इस धारा के तहत ₹171.3 करोड़ की टैक्स छूट का दावा किया था।
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विभाग का तर्क: ग्रुप ने अपनी बिजली इकाई, कागज मिल और चीनी मिल के खाते (Accounts) अलग-अलग नहीं रखे। नियमतः, छूट केवल उसी लाभ पर मिलती है जो उस विशिष्ट इकाई (जैसे बिजली संयंत्र) से हुआ हो। समेकित (Consolidated) खाते होने के कारण विभाग को संदेह है कि कागज और चीनी मिल के लाभ को भी बिजली इकाई का लाभ दिखाकर टैक्स बचाया गया है।
दूसरी तरफ सूत्रों का कहना है कि अभी तक की जांच में आयकर विभाग को जो भी हाथ लगा है, वह बहुत मजबूत नहीं रहेगा, क्योंकि जो भी जेवरात और नकदी आदि मिली है उससे ज़्यादा के कागजात बिंदल समूह के पास मौजूद है। साथ ही गलत टैक्स छूट का लाभ लेने के आरोप भी गलत है। नए उद्योग को सरकार द्वारा जो प्रोत्साहन दिए जाते है उनके अनुसार ही टैक्स लाभ लिए गए है जो पूरी तरह उचित और प्रमाणित है।
आपको पता ही है कि छापेमारी की कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से शुरू की गई थी। आयकर अधिकारी ‘शिवा वेड्स गौरी’ के स्टिकर लगी निजी गाड़ियों में पहुंचे थे, ताकि किसी को भनक न लगे। मुजफ्फरनगर और बिजनौर की कुल 14 स्थानों पर एक साथ छापा मारा गया।
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राजनीतिक गलियारों तक पहुंची जांच की आंच
इस छापेमारी का दायरा केवल फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के रसूखदार राजनीतिक चेहरों तक भी पहुंच गया है:
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पूर्व पालिका चेयरमैन पंकज अग्रवाल: यूपी पेपर मिल एसोसिएशन के चेयरमैन और बिंदल ग्रुप के साझीदार पंकज अग्रवाल के कार्यालय पर भी छापा मारा गया। विभाग के सूत्रों के मुताबिक वहां से भी अहम दस्तावेज मिले हैं।
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पूर्व पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल: विभाग की टीमों ने पूर्व चेयरमैन अंजू अग्रवाल के आवास पर भी छापा मारा है, उनके पुत्र अभिषेक अग्रवाल बिंदल ग्रुप में निदेशक है। बताया जाता है कि पंकज अग्रवाल के यहाँ से मिले कुछ दस्तावेजों के आधार पर अंजू अग्रवाल परिवार के बैंक लॉकर व खातों की भी गहनता से जांच की गई है।
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पुरानी कड़ियां: इस कार्रवाई को पिछले दिनों नई मंडी के कागज ट्रेडर्स राजकमल जैन के यहां हुई छापेमारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि वहां मिले कागजो से भी विभाग की जांच बिंदल परिवार तक पहुंची है।
शादी समारोह में हुई थी 'बिन बुलाए मेहमानों' की रेकी
विभागीय सूत्रों ने एक दिलचस्प खुलासा किया है कि वैसे इस छापेमारी की पटकथा राजकमल जैन के यहाँ लगे छापे से भी महीनों पहले लिखी जा चुकी थी। दिल्ली में आयोजित बिंदल परिवार के एक शादी समारोह में भी आयकर अधिकारी 'बिन बुलाए मेहमान' बनकर शामिल हुए थे। वहां उन्होंने परिवार के खर्चों, नेटवर्क और संपर्कों का बारीकी से आकलन (Reiki) किया, जिसके आधार पर इस सटीक ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
बता दें कि 12 साल पहले वर्ष 2014 में भी बिंदल ग्रुप पर ऐसी ही बड़ी कार्रवाई हुई थी। फिलहाल, नई मंडी, गांधी कॉलोनी और जानसठ रोड स्थित आवासों पर टीमें मुस्तैद हैं और साक्ष्य संकलन का कार्य जारी है।
आधिकारिक बयान का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक आयकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरी कार्रवाई और बरामदगी की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। शनिवार को जांच पूरी होने की संभावना व्यक्त की जा रही है जिसके बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
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