भारत ने नागरिकों को ईरान छोड़ने की दी सलाह, भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
नयी दिल्ली। भारत ने ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और सरकार की कार्रवाई में मरने वाले लोगों की बढती संख्या के बीच बुधवार को ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है और तेहरान स्थित दूतावास में संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी किये हैं। सरकार ने यह कदम क्षेत्रीय तनाव के बढने और व्यापक प्रदर्शनों के बीच तेजी से बदलती सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए उठाया है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास द्वारा बुधवार को जारी परामर्श में छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यवसायियों और पर्यटकों सहित सभी भारतीय नागरिकों से वाणिज्यिक उड़ानों सहित उपलब्ध किसी भी परिवहन माध्यम से ईरान छोड़ने का आग्रह किया गया है।
विदेश मंत्रालय ने भी ईरान की यात्रा से बचने के परामर्श को दोहराते हुए भारतीय नागरिकों को "अगले आदेश तक" ईरान न जाने की सलाह दी है।
दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों और भारत मूल के लोगों से सतर्कता बरतने और विरोध प्रदर्शनों से दूर रहने तथा भारतीय दूतावास के संपर्क में बने रहने को कहा है। उनसे कहा गया है कि वे यात्रा के दौरान अपने सभी दस्तावेज तैयार रखें और इस बारे में वह दूतावास से भी मदद ले सकते हैं।
दूतावास ने आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किये हैं। लोग दूतावास से मोबाइल नम्बर 989128109115, 989128109109,
989128109102 और 989932179359 पर संपर्क कर सकते हैं। भारतीय दूतावास से ई मेल cons.tehran@mea.gov.in पर भी संपर्क कर सकते हैं। दूतावास ने सभी नागरिकों को बिना देरी के दूतावास में पंजीकरण कराने की सलाह दी है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह "कड़ी कार्रवाई" कर सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार ईरान में सरकार के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के दौरान 2,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
परामर्श ऐसे समय में जारी किया गया है जब ईरान में आंतरिक अशांति बढ रही है। मानवाधिकार संगठनों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकारी कार्रवाई में मरने वालों की संख्या हाल के हफ्तों में तेजी से बढ़ी है, जिससे सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंताएं गहराई हैं। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि वे स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
भारत समय-समय पर इस क्षेत्र के लिए यात्रा परामर्श जारी करता रहा है, लेकिन ताजा चेतावनी उसकी बढ़ती चिंता को दर्शाती है, जो बिगड़ते सुरक्षा माहौल और विदेशी नागरिकों के समक्ष उत्पन्न हो रहे जोखिमों को लेकर है।
