ईरान ने मिसाइल से नेतन्याहू के दफ्तर और एयर फोर्स कमांडर के आवास को निशाना बनाने का किया दावा..हमले के बाद पीएम नेतन्याहू की स्थिति पर सस्पेंस
तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य टकराव के बीच तनाव और गहरा गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसके हालिया मिसाइल हमलों में इजराइल के प्रधानमंत्री और शीर्ष सैन्य नेतृत्व से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस दावे ने क्षेत्र में हालात को और अधिक विस्फोटक बना दिया है।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक सोमवार को आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक न्यूज आउटलेट ‘सेपा न्यूज’ पर जारी बयान में कहा कि ये “टारगेटेड और सरप्राइज” हमले स्वदेशी खेइबर बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए किए गए। संगठन के अनुसारखेइबर मिसाइल को मई 2023 में प्रदर्शित और परीक्षण-प्रक्षेपित किया गया था। इसकी मारक क्षमता लगभग 2,000 किलोमीटर बताई गई है और यह 1,500 किलोग्राम तक का वॉरहेड ले जाने में सक्षम है।
आईआरजीसी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू की स्थिति के बारे में तत्काल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है और इस संबंध में आगे विवरण बाद में साझा किया जाएगा।आईआरजीसी के बयान में कहा गया कि शनिवार सुबह तेहरान और ईरान के अन्य शहरों पर अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सर्वाेच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई, उनके परिवार के कुछ सदस्य, वरिष्ठ सैन्य कमांडर और आम नागरिक मारे गए हैं।
इन हमलों के जवाब में ईरान ने इजराइल और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए। क्षेत्र में जारी सैन्य टकराव के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब दोनों पक्षों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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