पूर्व न्यायाधीश के खिलाफ टिप्पणी, सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर के खिलाफ खत्म की अवमानना की कार्रवाई
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को एक यूट्यूबर के खिलाफ़ शीर्ष अदालत की एक पूर्व न्यायाधीश के खिलाफ़ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए स्वत: संज्ञान लेकर अवमानना की कार्रवाई खत्म कर दी। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने यह चेतावनी देते हुए कि मामले को बंद कर दिया कि ऐसा दोबारा होने पर गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।
चंडीगढ़ के यूट्यूबर और वरप्रद मीडिया के मुख्य सम्पादक अजय शुक्ला ने अपनी वकील ईशा बख्शी के ज़रिए बिना शर्त माफ़ी मांगी। शुक्ला ने यूट्यूबर चैनल 'द प्रिंसिपल' पर उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी के खिलाफ़ अपमानजनक आरोपों वाला एक वीडियो अपलोड किया था। पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति एजी मसीह और न्यायमूर्ति एएस चंदुरकर की पीठ ने 30 मई, 2025 को स्वत: संज्ञान लेकर अवमानना की कार्रवाई शुरू की थी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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