HDFC बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने दिया इस्तीफा, नैतिकता का हवाला देकर छोड़ा पद, शेयर धड़ाम

नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के ऋणदाता एचडीएफसी (HDFC) बैंक से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने बुधवार देर रात अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस अचानक उठाए गए कदम और इस्तीफे के पीछे दिए गए 'नैतिकता' के तर्कों ने पूरे बैंकिंग जगत और शेयर बाजार में खलबली मचा दी है। इस इस्तीफे के बाद गुरुवार को बैंक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
स्टॉक एक्सचेंज को भेजी गई आधिकारिक जानकारी में अतनु चक्रवर्ती ने अपने निर्णय के पीछे गहरे वैचारिक मतभेदों का संकेत दिया है। उन्होंने अपने त्याग पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा कि पिछले दो वर्षों के दौरान उन्होंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाओं और कार्यप्रणालियों को देखा है, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के मापदंडों पर खरी नहीं उतरतीं। चक्रवर्ती ने जोर देकर कहा कि उनके पद छोड़ने का मुख्य आधार यही टकराव है और इसके अलावा अन्य कोई गुप्त कारण नहीं है। हालांकि, उन्होंने बैंक के कनिष्ठ और मध्य स्तर के कर्मचारियों की कार्यक्षमता की सराहना करते हुए उन्हें संस्थान का असली भविष्य बताया।
इस हाई-प्रोफाइल इस्तीफे के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्थितियों को संभालने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं। आरबीआई ने एचडीएफसी के पूर्व वाइस चेयरमैन केकी मिस्त्री को तीन महीने की अवधि के लिए अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। बैंक प्रबंधन ने भी गुरुवार को एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि अतनु चक्रवर्ती के जाने के पीछे केवल वही कारण हैं जिनका उल्लेख उन्होंने अपने पत्र में किया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ समय से बैंक के शीर्ष प्रबंधन और चेयरमैन के बीच अंदरूनी खींचतान चल रही थी, जो अब सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है।
ये भी पढ़ें सूरत में 'लव मैरिज' का खौफनाक अंत: शक की आग में जलते पति ने सरेराह पत्नी को उतारा मौत के घाटचेयरमैन के इस्तीफे का सीधा असर दलाल स्ट्रीट पर देखने को मिला। गुरुवार सुबह बाजार खुलते ही एचडीएफसी बैंक के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली शुरू हो गई। बुधवार को 842.95 रुपये पर बंद हुआ शेयर, गुरुवार को करीब 8 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 776 रुपये पर खुला। कारोबार के शुरुआती आधे घंटे में ही शेयर लुढ़क कर 772 रुपये के स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि बाद में मामूली सुधार के साथ यह 800 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया, लेकिन निवेशकों में बैंक की कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

टिप्पणियां