दिल्ली–एनसीआर में नशे के बड़े रैकेट का भंडाफोड़, पति–पत्नी समेत तीन गिरफ्तार
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस संबंध में पूलिस ने पति–पत्नी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पुलिस टीम ने 1.504 किलो हेरोइन बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 7.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जांच में पता चला कि आरोपित परिवार के साथ सफर का नाटक कर देर रात कार से हेरोइन सप्लाई करते थे, ताकि किसी को शक न हो।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त संजीव यादव ने बुधवार काे बताया कि क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि बरेली से हेरोइन लाकर लोनी, गाजियाबाद और दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई की जा रही है। जांच में पता चला कि एक वैगनआर कार का इस्तेमाल हो रहा है और आरोपित रात के समय दिल्ली में एंट्री करता है।
पुलिस उपायुक्त ने आगे बताया कि पुलिस टीम ने भोपुरा बॉर्डर पर जाल बिछाया। गाजियाबाद की तरफ से आ रही संदिग्ध कार को रोककर चेक किया गया। कार में आरिफ खान और उसकी पत्नी शिखा अली बैठे थे। तलाशी में उनके पास से 303 ग्राम हेरोइन मिली। जबकि पीछे रखे बैग से 1007 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पूछताछ में आरिफ ने बताया कि वह बरेली के एक बड़े सप्लायर से हेरोइन लाता था और दिल्ली–एनसीआर में आगे सप्लाई करता था। उसने भलस्वा डेयरी निवासी जुम्मन को भी माल देने की बात कबूली। इसके बाद पुलिस ने जुम्मन को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। उसके घर से 194 ग्राम हेरोइन और बरामद की गई।
पुलिस के अनुसार, आरिफ पहले गाजीपुर इलाके में एक दुकान पर अकाउंट का काम देखता था। कोरोना के दौरान नौकरी छूट गई। बाद में उसने टैक्सी चलानी शुरू की और इसी दौरान ड्रग्स तस्करी करने वालाें के संपर्क में आ गया। पत्नी शिखा भी इस धंधे में साथ देती थी, ताकि कार को फैमिली ट्रैवल समझकर कोई न रोके। वहीं जुम्मन पेशे से बिजली का काम करता है और छोटे-छोटे पुड़िया बनाकर बेचता था।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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