गौतमबुद्ध नगर में गैस संकट को लेकर प्रशासन सतर्क: छापेमारी में कालाबाजारी के नहीं मिले सबूत, लेकिन उपभोक्ता परेशान
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में एलपीजी गैस सिलेंडर की कथित किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने अपनी जांच तेज कर दी है। प्रशासन का दावा है कि फिलहाल जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और जो माहौल बनाया जा रहा है, वह महज अफवाह है। हालांकि, जमीनी हकीकत इसके उलट दिख रही है, जहां गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ सिलेंडर के लिए तरस रही है।
जिलाधिकारी मेघा रूपम के निर्देशन में गठित चार संयुक्त टीमें लगातार अलग-अलग गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर छापेमारी कर रही हैं। इन टीमों में खाद्य और रसद विभाग, नापतोल विभाग और संबंधित तेल कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं। शुक्रवार को तहसील दादरी क्षेत्र के अंतर्गत 14 गैस एजेंसियों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। प्रशासन का कहना है कि इन एजेंसियों पर पर्याप्त मात्रा में स्टॉक पाया गया और कालाबाजारी के कोई सबूत नहीं मिले। जनपद में कुल 65 गैस एजेंसियां हैं, जिनमें इंडियन ऑयल की 13, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम की 26-26 एजेंसियां शामिल हैं।
ये भी पढ़ें गाजियाबाद: 14 मार्च को सजेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, आपसी सहमति से मुकदमों के बोझ से मिलेगी मुक्तिअधिकारियों के मुताबिक कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और स्टॉक की नियमित जांच की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि सिलेंडर की नापतोल भी सुनिश्चित की जा रही है ताकि उपभोक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो। लेकिन इस जांच के दौरान भी गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। प्रवासी मजदूरों के लिए यह समस्या और विकराल हो गई है। रोजगार की तलाश में देशभर से नोएडा और ग्रेटर नोएडा आने वाले इन मजदूरों के पास अक्सर गैस कनेक्शन नहीं होते। ऐसे में वे बिना कनेक्शन के मिलने वाले एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर रहते हैं। बाजार में इन सिलेंडरों की कमी की सूचना है, जिससे उनके सामने खाना पकाने का संकट खड़ा हो गया है।
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