मुजफ्फरनगर निवासी पति ने तीन तलाक बोलकर पत्नी को घर से निकाला, ससुरालियों पर दहेज प्रताड़ना का गंभीर आरोप
पहली बाइक बेचकर दूसरी मोटरसाइकिल के लिए किया लहूलुहान; बेटे को छीना और भूखा रखकर दी यातनाएं, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
यमुनानगर/मुजफ्फरनगर। रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला को दहेज की वेदी पर चढ़ाने की कोशिश की गई। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद निवासी ससुरालियों पर अपनी ही बहू को तीन तलाक देकर बेघर करने, दहेज के लिए मारपीट करने और मासूम बच्चे को मां से अलग करने का संगीन आरोप लगा है। पीड़िता का कहना है कि उसे कई दिनों तक भूखा रखा गया और घरेलू सुख-सुविधाओं के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगा दी गई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मुजफ्फरनगर निवासी पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, यमुनानगर के गोल्डनपुरी निवासी शबनम खातून का निकाह 2 दिसंबर 2013 को वसीम अली (निवासी गांव जोला, जिला मुजफ्फरनगर, यूपी) के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। शबनम के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने निकाह में करीब 9 लाख रुपये खर्च किए थे, जिसमें नकद, जेवर और मोटरसाइकिल भी दी गई थी। लेकिन निकाह के कुछ समय बाद ही पति वसीम, सास और ससुर ने कम दहेज का ताना देकर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब गर्भवती होने के बाद भी शबनम के साथ क्रूरता जारी रही और उसे कई बार भूखा रखा गया।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर: पुलिस बेड़े में शामिल हुईं 10 नई पीआरवी गाड़ियां, एसएसपी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवानापहली बाइक बेची, दूसरी की मांग पर बोला 'तीन तलाक' पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके पति ने दहेज में मिली पहली मोटरसाइकिल बेच दी और अब दूसरी मोटरसाइकिल लाने के लिए दबाव बना रहा था। जब शबनम ने इसका विरोध किया, तो उसे बुरी तरह पीटा गया। विवाद इतना बढ़ा कि पति ने उसे कानूनन प्रतिबंधित 'तीन तलाक' बोलकर घर से निकाल दिया और तलाक का नोटिस भी भेज दिया। शबनम का दावा है कि पति ने भाइयों को झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी और प्लॉट खरीदने के नाम पर धोखे से पैसे भी ऐंठ लिए।
ये भी पढ़ें लखनऊ: विदाई के बहाने दामाद को बुलाकर ससुर और सालों ने उतार दिया मौत के घाट, बीच सड़क चाकू से गोदानाबालिग बेटे को मां से छीना, न्याय के लिए भटक रही पीड़िता मामले में सबसे दुखद पहलू मासूम बच्चे को मां से अलग करना रहा। शबनम का आरोप है कि 20 नवंबर 2024 को उसके साथ गंभीर मारपीट की गई और उसके बाद पति योजनाबद्ध तरीके से घर का सारा सामान और नाबालिग बेटे मोहम्मद सादिक को साथ लेकर फरार हो गया। पति ने स्कूल में भी लिखित शिकायत देकर मां को बच्चे से मिलने से रुकवा दिया है। वर्तमान में शबनम अपने बेटे और स्त्रीधन को वापस पाने के लिए दर-दर भटक रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और मुजफ्फरनगर पुलिस से भी इस संबंध में समन्वय स्थापित किया जाएगा।
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पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय मौहम्मद शाहनवाज मुज़फ्फरनगर के एक प्रतिष्ठित और विश्वसनीय पत्रकार हैं। वर्तमान में आप राष्ट्रीय सहारा के जिला प्रभारी (मुज़फ्फरनगर) के रूप में कार्यरत हैं और साथ ही उत्तर प्रदेश के प्रमुख मीडिया संस्थान रॉयल बुलेटिन में संवाद सहयोगी की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डेढ़ दशक के लंबे अनुभव के साथ मौ. शाहनवाज ने अपनी प्रखर लेखनी से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ी है। उनसे मोबाइल नंबर 9058673434 पर संपर्क किया जा सकता है।

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