मकर संक्रांति पर सूर्य का 'महागोचर'; ग्रहों की नई चाल से बदलेगा देश और दुनिया का भाग्य, जानें 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल
ब्रह्मांड के प्रत्यक्ष देव भगवान भास्कर ने गुरुवार को धनु राशि से विदा लेकर अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश कर लिया है। सूर्य के इस राशि परिवर्तन के साथ ही मकर संक्रांति का पावन पर्व शुरू हो गया है और साथ ही शुभ कार्यों पर लगी 'खरमास' की रोक भी हट गई है। ज्योतिष गणना के अनुसार, सूर्य का मकर राशि में आना (उत्तरायण) केवल ऋतु परिवर्तन ही नहीं, बल्कि सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन में बड़े बदलाव का संकेत है। सूर्य और शनि की राशियों के इस मिलन से देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और जनमानस पर गहरा प्रभाव देखने को मिलेगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सूर्य के इस गोचर का सबसे अधिक लाभ मेष, सिंह और धनु राशि वालों को मिलने वाला है। इन राशियों के जातकों के लिए पद-प्रतिष्ठा और धन लाभ के द्वार खुलेंगे। वहीं वृषभ, कन्या और मकर राशि के लोगों को करियर में नई ऊँचाइयां छूने का मौका मिलेगा। दूसरी ओर, मिथुन, तुला और कुंभ राशि के जातकों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है, जबकि कर्क, वृश्चिक और मीन राशि वालों के लिए यह समय रिश्तों और साझेदारी में समझदारी दिखाने का है। सूर्य का यह गोचर अगले एक माह तक प्रभावी रहेगा, जिससे समाज में अनुशासन और न्याय की प्रधानता बढ़ेगी। वैज्ञानिक दृष्टि से भी अब दिन बड़े होने लगेंगे और शीत ऋतु का प्रभाव धीरे-धीरे कम होकर प्रकृति में नई ऊर्जा का संचार होगा।
12 राशियों पर सूर्य के गोचर का विस्तृत प्रभाव:
- मेष (Aries): सूर्य आपके दशम भाव (कर्म भाव) में गोचर कर रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। समाज में आपका दबदबा बढ़ेगा। सरकारी क्षेत्र से लाभ होगा। उपाय: प्रतिदिन 'ॐ घृणि सूर्याय नम:' का जाप करें और रविवार को मसूर की दाल, लाल चंदन और गुड़ का दान करें। हनुमान चालीसा का 7 बार पाठ करें।
- वृषभ (Taurus): भाग्य स्थान में सूर्य का होना आपकी लंबी यात्राओं और विदेश यात्रा के योग बना रहा है। पिता के सहयोग से बड़े कार्य सिद्ध होंगे। सूर्य नौवें भाव में रहेंगे, जिससे भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक यात्राएं सुखद रहेंगी और पिता के साथ संबंधों में सुधार होगा। उपाय: शुक्रवार को सफेद तिल और मिश्री का दान करें। मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं। श्री सूक्त का पाठ करना सौभाग्य लाएगा।
- मिथुन (Gemini): अष्टम भाव में सूर्य का गोचर स्वास्थ्य संबंधी उतार-चढ़ाव ला सकता है। वाहन सावधानी से चलाएं और गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। आठवें भाव में सूर्य का गोचर स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की चेतावनी दे रहा है। वाणी पर नियंत्रण रखें, वरना विवाद हो सकता है। उपाय: पक्षियों को सप्तधान (सात अनाज) खिलाएं और बुधवार को साबुत मूंग, हरा वस्त्र और गाय को हरा चारा खिलाएं। विष्णु सहस्रनाम का श्रवण करें।
- कर्क (Cancer): सप्तम भाव में सूर्य साझेदारी के कार्यों में लाभ देंगे, लेकिन जीवनसाथी के साथ अहंकार का टकराव हो सकता है। रिश्तों में सौम्यता बनाए रखें।सातवें भाव में सूर्य साझेदारी के कामों में लाभ देंगे, लेकिन दांपत्य जीवन में थोड़ा तनाव रह सकता है। आपसी तालमेल बनाकर रखें। उपाय: शिव चालीसा का पाठ करें और सोमवार को मंदिर में कच्चे दूध का दान करें।
- सिंह (Leo): छठे भाव में सूर्य की स्थिति आपको शत्रुओं पर विजय दिलाएगी। पुराने रोगों से मुक्ति मिलेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त होगी।छठे भाव में सूर्य आपको शत्रुओं पर विजय दिलाएंगे। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलेगी और पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। उपाय: नित्य 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करें और तांबे के लोटे से सूर्य को जल चढ़ाएं।
- कन्या (Virgo): पंचम भाव में सूर्य संतान की ओर से शुभ समाचार दिलाएंगे। हालांकि, शेयर बाजार और सट्टेबाजी से दूर रहने की सलाह दी जाती है।पांचवें भाव में सूर्य होने से संतान की ओर से शुभ समाचार मिलेगा। शिक्षा और प्रतियोगिता के क्षेत्र में विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं और श्री गणेश की आराधना करें।
- . तुला (Libra): चतुर्थ भाव में सूर्य पारिवारिक संपत्ति के विवाद सुलझा सकते हैं, लेकिन माता के स्वास्थ्य और घरेलू सुख में कुछ कमी महसूस हो सकती है।चौथे भाव में सूर्य पारिवारिक संपत्ति के मामलों में लाभ दिला सकते हैं, लेकिन घर में अशांति महसूस हो सकती है। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उपाय: शुक्रवार को चावल और चीनी का दान किसी जरूरतमंद को करें। श्री सूक्त का पाठ करना सौभाग्य लाएगा।
- वृश्चिक (Scorpio):तीसरे भाव में सूर्य आपके पराक्रम और साहस को बढ़ाएंगे। छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और छोटी दूरी की यात्राएं लाभदायक होंगी। उपाय: मसूर की दाल, लाल चंदन और गुड़ का दान करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- धनु (Sagittarius): द्वितीय भाव में सूर्य धन लाभ के प्रबल योग बना रहे हैं। फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है, लेकिन तीखा बोलने से बचें।दूसरे भाव में सूर्य धन वृद्धि के संकेत दे रहे हैं। फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है, लेकिन परिजनों से बातचीत में विनम्र रहें। उपाय: गुरुवार को केसर का तिलक लगाएं और चने की दाल का दान करें।
- मकर (Capricorn): आपकी ही राशि में सूर्य का गोचर आत्मविश्वास बढ़ाएगा। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी, पर सिरदर्द या आँखों की समस्या हो सकती है।आपकी ही राशि में सूर्य का गोचर आत्मविश्वास और प्रभाव बढ़ाएगा। हालांकि, क्रोध और अहंकार से बचने की सख्त जरूरत है। उपाय: शनिवार को शनि चालीसा का पाठ करें और काले तिल का दान करें।
- कुंभ (Aquarius): द्वादश भाव में सूर्य होने से खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सावधानी बरते। बारहवें भाव में सूर्य होने से विदेश यात्रा के योग बनेंगे, लेकिन खर्चों पर लगाम लगाना कठिन होगा। कानूनी मामलों में लापरवाही न बरतें। उपाय: पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और गरीब को कंबल दान करें।
- मीन (Pisces): एकादश भाव में सूर्य का आना आपकी आय के स्रोतों को बढ़ाएगा। बड़े रसूखदार लोगों से आपके संपर्क बढ़ेंगे जो भविष्य में लाभकारी होंगे।
ग्यारहवें भाव में सूर्य आपकी आय में जबरदस्त बढ़ोतरी करेंगे। समाज के प्रभावशाली लोगों से जुड़ने का मौका मिलेगा। उपाय: हल्दी का तिलक लगाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
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