महंगी क्रीम या सीरम में नहीं, थाली में छिपा है सुंदरता का असली खजाना
नई दिल्ली। बाजारों में चेहरे की चमक महंगी क्रीम, सीरम और फेशियल पर निर्भर हो गई है। हर किसी को ऊपरी सुंदरता चाहिए, लेकिन बहुत लोग जानते हैं कि अगर अंदर से त्वचा को पोषण दिया जाए तो महंगे उत्पादों की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
यह बात विज्ञान और आयुर्वेद दोनों मानता है। बाजार में मिलने वाले प्रोडक्ट अस्थाई परिणाम देते हैं, लेकिन घर की थाली में छिपे पोषक तत्व त्वचा को सोने सा निखार सकते हैं। आयुर्वेद में माना गया है कि पोषण की कमी और थकावट सबसे पहले चेहरे पर दिखती है। पोषण की कमी रूखापन, झुर्रियां, दाग-धब्बे, पिगमेंटेशन और समय से पहले एजिंग का कारण बनती है।
त्वचा से जुड़ी किसी भी समस्या से निपटने के लिए आमतौर पर महिलाएं हों या पुरुष, डॉक्टर का सहारा लेते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि डॉक्टर हमारे किचन में ही मौजूद है। किचन में मौजूद आहार और हमारी त्वचा का सीधा संबंध है। त्वचा की कोशिकाएं लगातार टूटती और बनती रहती हैं। कोशिकाओं को मरम्मत के लिए विटामिन, मिनरल, हेल्दी फैट और प्रोटीन की जरूरत होती है, जो किसी प्रोडक्ट से नहीं, बल्कि घर की थाली से मिलता है। पहले बात करते हैं विटामिन सी की, जो कोशिकाओं में जान डालता है और बुढ़ापे के लक्षणों को कम करता है। विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा के लिए आंवला, नींबू पानी, संतरा, मौसंबी, पपीता, शिमला मिर्च, और ब्रोकली का सेवन किया जा सकता है। विटामिन सी से भरपूर आहार डार्क स्पॉट कम करने में मदद करते हैं और त्वचा में कोलेजन का उत्पादन बढ़ाते हैं।
दूसरे नंबर पर त्वचा के लिए जरूरी है ओमेगा-3 फैटी एसिड, जो चेहरे पर होने वाली सूजन को कम करता है और चेहरे को हाइड्रेटेड रखता है। इसके लिए आहार में अलसी के बीज, अखरोट, चिया सीड्स और फैटी फिश को जरूर शामिल करें। तीसरे नंबर पर आते हैं एंटीऑक्सीडेंट। एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से त्वचा की सुरक्षा करते हैं, त्वचा को रिपेयर करने में मदद करते हैं और झुर्रियों की गति को भी धीमा करते हैं। इसके लिए आहार में हरी चाय, टमाटर, चुकंदर, अनार और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए। चौथे नंबर पर आता है प्रोटीन, जो कोशिकाओं के निर्माण के लिए बहुत जरूरी है। प्रोटीन नाखून और बालों के लिए भी जरूरी है। इसके लिए आहार में दाल, सोयाबीन, चने, पनीर, दही, अंडा और टोफू को शामिल करना चाहिए।
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