स्वर्ग से आए इस पौधे में सुगंध के साथ हैं अनगिनत गुण, नींद से लेकर पाचन शक्ति बढ़ाने में करेगा मदद
नई दिल्ली। माना जाता है कि स्वर्ग से तीन फूलों को धरती पर भेजा गया था, जिसमें अपराजिता, पारिजात और मधुकामिनी शामिल हैं। तीनों ही फूल बेहतरीन खुशबू के लिए जाने जाते हैं, और खुशबू के साथ-साथ इन फूलों में अनगिनत औषधीय गुण भी हैं, जो सांस से लेकर त्वचा संबंधी परेशानियों में राहत देते हैं। आज हम बात करेंगे मधुकामिनी की, जो गर्मियों में ढेर सारे फूल देता है और जिसका रखरखाव भी आसान है।
मधुकामिनी अपने नाम की तरह ही खूबसूरत और सुगंध देने वाला पौधा है। इनडोर होने की वजह से इसे आसानी से घर के अंदर लगाया जा सकता है, लेकिन बहुत कम लोग ही इसके औषधीय गुणों के बारे में जानते हैं। मधुकामिनी के सिर्फ फूल ही नहीं बल्कि पत्ते और जड़ों का इस्तेमाल आयुर्वेद में होता आया है। इसके फूलों की मनमोहक सुगंध मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती है और हार्मोन को संतुलित करती है। मधुकामिनी की जड़ का पाउडर आसानी से बाजार में मिल जाता है। इसकी जड़ों से बना पाउडर शरीर के लिए टॉनिक की तरह काम करता है। अगर पेट या पाचन से जुड़ी परेशानी है तो इसकी जड़ी से पाउडर का प्रयोग किया जा सकता है। माना जाता है कि जड़ का पाउडर मंद पाचन अग्नि को तेज कर देता है।
अगर गले में दर्द या खिचखिच की परेशानी है या फिर मौसम बदलने के साथ ही सांस लेने में परेशानी होती है, तब मधुकामिनी के फूलों को उबालकर काढ़ा बनाकर पीने की सलाह दी जाती है। इससे गला साफ होता है और अंदरुनी सूजन भी कम होती है। काढ़े में इसके पत्तों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके साथ ही अगर दांतों में दर्द या सूजन की समस्या होने पर इसके पत्ते चबाने से आराम मिलेगा। इसके पत्तों में सूजन रोधी गुण होते हैं, जो दर्द में राहत देने में मदद करते हैं। मधुकामिनी का परफ्यूम ऑयल का प्रयोग थेरेपी के लिए किया जाता है। जिन लोगों को तनाव या मानसिक थकान की वजह से नींद आने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, उनके लिए मधुकामिनी का परफ्यूम ऑयल एक बेहतरीन ऑप्शन है।
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