शामली में स्वामी यशवीर महाराज का बड़ा बयान: धर्मांतरण करने वालों को मिले 'मृत्युदंड', भगाने वालों के घर चले बुलडोजर
शामली। कावड़ यात्रा के दौरान पहचान अभियान चलाकर सुर्खियों में रहे स्वामी यशवीर महाराज एक बार फिर चर्चा में हैं। आज शामली शहर के शिव शक्ति वाटिका में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने धर्मांतरण के विरोध में बड़ा बयान दिया और धर्मांतरण करने वाले "जिहादियों" के लिए मृत्युदंड की मांग की है।
सख्त कानून की मांग
स्वामी यशवीर महाराज ने धर्मांतरण के विरोध में लोगों को जागरूक किया और उसके बाद अपने समर्थकों के साथ पैदल मार्च करते हुए शिव चौक तक पहुँचे। उन्होंने वहाँ माँग करते हुए कहा कि एक ऐसा कानून बनना चाहिए यदि कोई भी व्यक्ति किसी अन्य धर्म के व्यक्ति का धर्मांतरण करता है, तो उसे मृत्युदंड की सज़ा मिलनी चाहिए। यदि कोई भी व्यक्ति किसी लालच में या बहला-फुसलाकर हिंदू समाज की लड़की को भगाकर ले जाता है, तो उसकी नागरिकता खत्म होनी चाहिए, उसके घर पर बुलडोजर चलना चाहिए और उसे आजीवन जेल में डाल देना चाहिए।
"दिल्ली की तरफ पैर रखने की कोशिश न करें"
स्वामी यशवीर महाराज ने धर्मांतरण के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे केवल सनातन धर्म को ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी खतरा बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि, "वह (धर्मांतरण करने वाले) कह रहे हैं कि बांग्लादेश में तख्तापलट हो गया, नेपाल में तख्तापलट हो गया और भारत में भी तख्तापलट होगा, लेकिन वह कान खोल कर सुन लें कि दिल्ली की तरफ पैर रखने की भी कोशिश न करें। वह बांग्लादेश था, नेपाल था, लेकिन यह भारत है। भारत का बच्चा-बच्चा दिल्ली के सिंहासन की रक्षा करने के लिए तैयार है, और दिल्ली की तरफ चलने के लिए जहाँ से भी कदम उठेगा उसे वहीं पर रोक दिया जाएगा।"
धर्मांतरण: स्वतंत्रता नहीं, अपराध
स्वामी यशवीर महाराज ने तर्क दिया कि इतिहास गवाह है कि जब-जब छल, बल और लालच से धर्मांतरण हुआ है, तब-तब समाज में विभाजन और संघर्ष पैदा हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि विश्व की कई प्रमुख सभ्यताओं को धर्मांतरण करने वाली शक्तियों ने नष्ट किया है।
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