मुख्तार के करीबी की दो करोड़ की संपत्ति कुर्क करने का निर्देश, करीबियों में हड़कंप
मऊ। पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी और उससे जुड़े लोगों की परेशानी कम होती नहीं दिख रही है। सोमवार देर शाम जिलाधिकारी अरुण कुमार ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मुख्तार अंसारी के आर्थिक सहयोगी हाजी रफीक अहमद उर्फ टाइगर पुत्र हाजी वकील अहमद और उसके रिश्तेदारों की करीब दो करोड़ रुपये की संपत्ति […]
मऊ। पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी और उससे जुड़े लोगों की परेशानी कम होती नहीं दिख रही है। सोमवार देर शाम जिलाधिकारी अरुण कुमार ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मुख्तार अंसारी के आर्थिक सहयोगी हाजी रफीक अहमद उर्फ टाइगर पुत्र हाजी वकील अहमद और उसके रिश्तेदारों की करीब दो करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का निर्देश दिया है। कुर्क की जाने वाली संपत्ति में आलीशान मकान और भूखंड है। जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से मुख्तार के करीबियों में हड़कंप की स्थिति है।
अपने आदेश में जिलाधिकारी अरुण कुमार ने बताया है कि शहर कोतवाली के पठान टोला निवासी हाजी रफीक अहमद उर्फ टाइगर पुत्र हाजी वकील अहमद गैंगस्टर एक्ट का आरोपित है। वह मुख्तार अंसारी का आर्थिक सहयोगी है। उसके द्वारा आपराधिक क्रियाकलाप में लिप्त रहकर अपराध से अर्जित किए गए अवैध धन से अपने पिता वकील अहमद और चाचा नेसार अहमद तथा भाई नसीम अहमद और अपनी भाभी अफसाना के नाम मौजा सारहू मव जमीन क्रय किया है। जबकि अपने पिता वकील अहमद और चाचा नेसार अहमद के नाम क्रय कर उस पर आलीशान भवन का निर्माण कराया है, जो मोहल्ला पठान टोला में स्थित है। भूमि की कीमत 47 लाख 62 हजार 65 रुपए जबकि भवन का अनुमानित मूल्य 60 लाख 23 हजार 970 है। वहीं सारहू में अपने भाई नसीम के नाम क्रय की गई जमीन, जिसकी अनुमानित मूल्य 16 लाख 86 हजार रुपया है। इसी क्रम में सारहू में ही भाभी अफसाना के नाम आबादी रकवा 120.36 वर्ग मीटर व 18.58 वर्गमीटर मीटर कुल 138.94 वर्ग मीटर है, जो मोहल्ला बाजार मंडी में स्थित है। जिसका अनुमानित मूल्य 14 लाख 58 हजार 870 रुपए और एक मकान जिसकी अनुमानित मूल्य 59 लाख 20 हजार 388 रुपए है। इसे कुर्क करने का आदेश जारी किया गया। कुर्क की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 14(1) के तहत की गई है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां