मेरठ वसूली कांड: फरार चल रहे दोनों दरोगा प्रयागराज से गिरफ्तार, कोर्ट से राहत पाने की कोशिश हुई नाकाम
मेरठ: मेरठ के धागा कारोबारी से 20 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी दरोगा लोकेंद्र साहू और महेश कुमार को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को प्रयागराज से दबोचने में सफलता हासिल की है। इन दोनों पुलिसकर्मियों पर खाकी को दागदार करते हुए कारोबारी को डराने-धमकाने और अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप हैं।
हाईकोर्ट से नहीं मिली कोई राहत
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी दरोगाओं ने कानूनी दांव-पेंच का सहारा लेते हुए हाईकोर्ट में स्टे (रोक) लेने का भी भरपूर प्रयास किया था, लेकिन उनकी यह कोशिश विफल रही। दोनों के खिलाफ मेरठ में रंगदारी वसूली और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। फरार होने के कारण पुलिस इनकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी, जिसके बाद प्रयागराज में इनके छिपे होने की सूचना पर कार्रवाई की गई।
एसएसपी की सख्त कार्रवाई, मेडिकल परीक्षण संपन्न
इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों दरोगाओं को पहले ही निलंबित कर दिया था। इसी मामले में लापरवाही और संलिप्तता के आरोप में लोहियानगर के थानेदार योगेश चंद्र को भी सस्पेंड किया जा चुका है। फिलहाल तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ उच्च स्तरीय विभागीय जांच जारी है। गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों दरोगाओं को डॉक्टरी निरीक्षण के लिए ले जाया गया, जहाँ उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया है।
भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस
पुलिस विभाग द्वारा अपने ही साथियों के विरुद्ध की गई इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। मेरठ पुलिस अब इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर वसूली गई रकम की बरामदगी और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।
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