मुरादाबाद के पीतल उद्योग का मुद्दा सदन में गूंजा, सपा विधायक मो. फहीम ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
मुरादाबाद l उत्तर प्रदेश की पहचान रहे पीतल और तांबे के बर्तन उद्योग का मुद्दा अब विधानसभा में भी जोर-शोर से उठने लगा है। समाजवादी पार्टी के बिलारी विधानसभा क्षेत्र से विधायक मो. फहीम ने सदन में पीतल उद्योग से जुड़े व्यापारियों और कामगारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
पीतल उद्योग हजारों परिवारों की आजीविका का आधार
विधायक मो. फहीम ने कहा कि मुरादाबाद, लखीमपुर के ओयल, पूर्वी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और बुंदेलखंड क्षेत्र के कानपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में पीतल, तांबे और कलई युक्त बर्तनों का बड़े स्तर पर निर्माण और व्यापार होता है। यह उद्योग न केवल प्रदेश की पहचान है, बल्कि लाखों कारीगरों, मजदूरों और व्यापारियों की आजीविका का मुख्य साधन भी है।
उन्होंने बताया कि विशेष रूप से मुरादाबाद को देश-विदेश में ‘ब्रास सिटी’ के नाम से जाना जाता है, जहां निर्मित पीतल के बर्तन और सजावटी सामान अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी निर्यात किए जाते हैं। इस उद्योग से जुड़े कारीगरों की मेहनत और कौशल ने प्रदेश को वैश्विक पहचान दिलाई है।
ये भी पढ़ें मुरादाबाद में MDA की महत्वाकांक्षी गोविंदपुरम योजना लॉन्च, 47 लाख से शुरू प्लॉट, 580 करोड़ का निवेशसरकार की आर्थिक और व्यापारिक नीतियों पर उठाए सवाल
सपा विधायक ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार की गलत आर्थिक और व्यापारिक नीतियों के कारण यह पारंपरिक उद्योग गंभीर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत, कच्चे माल की महंगाई, बिजली दरों में वृद्धि और निर्यात से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं के कारण व्यापारियों और कारीगरों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मो. फहीम ने कहा कि यदि समय रहते सरकार ने इस उद्योग को संरक्षण देने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो यह ऐतिहासिक और पारंपरिक उद्योग धीरे-धीरे समाप्त होने की कगार पर पहुंच सकता है, जिससे लाखों लोगों का रोजगार प्रभावित होगा।
उद्योग और कामगारों के संरक्षण की मांग
विधायक ने सरकार से मांग की कि पीतल उद्योग को बचाने के लिए विशेष पैकेज घोषित किया जाए, बिजली दरों में राहत दी जाए, कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरल और प्रभावी नीतियां बनाई जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को व्यापारियों और कामगारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए इस उद्योग के संरक्षण और विकास के लिए ठोस रणनीति तैयार करनी चाहिए।
सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद
इस मुद्दे के सदन में उठने के बाद पीतल उद्योग से जुड़े व्यापारियों और कामगारों को उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान देगी और उद्योग को संकट से उबारने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। पीतल उद्योग न केवल प्रदेश की आर्थिक रीढ़ है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे संरक्षित करना बेहद जरूरी है।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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