मुरादाबाद में टैक्स वसूली के दौरान मचा घमासान, कांग्रेस पार्षद पर नगर निगम कर्मचारियों से अभद्रता और धमकी का आरोप
सरकारी कार्य में बाधा डालने पर भड़के कर्मचारी; पार्षद की कार्यशैली के खिलाफ लामबंद हुआ नगर निगम स्टाफ, उच्चाधिकारियों से शिकायत
मुरादाबाद। महानगर में नगर निगम की टैक्स वसूली मुहिम के दौरान सोमवार को उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब वसूली करने पहुँचे कर्मचारियों और एक क्षेत्रीय पार्षद के बीच तीखी झड़प हो गई। नगर निगम के टैक्स विभाग के कर्मचारियों ने कांग्रेस पार्षद पर गाली-गलौज, अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। इस घटना के बाद से नगर निगम के कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि ही नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाएंगे और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ के साथ बदसलूकी करेंगे, तो शहर की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलाना असंभव हो जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार, नगर निगम के टैक्स कर्मचारी शमशाद, सतीश, आशिफ़ अली और नदीम विभागीय निर्देशानुसार बकाया टैक्स की

वसूली के लिए क्षेत्र में अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उनका सामना कांग्रेस पार्षद कमर सलीम से हुआ। कर्मचारियों का आरोप है कि जब उन्होंने बकाया टैक्स जमा करने और नियमानुसार दस्तावेजों की मांग की, तो पार्षद आपा खो बैठे। आरोप है कि पार्षद कमर सलीम ने न केवल कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि उन्हें अंजाम भुगतने की धमकी देते हुए मौके से जाने को कहा। कर्मचारियों का दावा है कि इस व्यवहार के कारण उन्हें अपना काम बीच में ही छोड़ना पड़ा।
पीड़ित कर्मचारी शमशाद और उनके साथियों ने बताया, “हम केवल अपने सरकारी दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। नगर निगम के राजस्व को बढ़ाने के लिए हमें टैक्स कलेक्शन की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन जिस तरह से पार्षद ने हमारे साथ व्यवहार किया, उससे हमारा मनोबल टूट

गया है।” घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम के अन्य कर्मचारियों ने भी एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया है। कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे चुप नहीं बैठेंगे।
इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है। सूत्रों के अनुसार, नगर निगम प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और पार्षद के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में पुलिस कार्यवाही की तैयारी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर जनप्रतिनिधियों और सरकारी कर्मचारियों के बीच के समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम के उच्चाधिकारियों का कहना है कि किसी भी कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार सहन नहीं किया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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