मुरादाबाद: मुक़दमा दर्ज होने के बाद भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की मुलाकात
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के ठाकुरद्वारा में सहकारी बैंक प्रतिनिधि पद चुनाव से जुड़े अपहरण के मामले में कोर्ट के आदेश पर अजय प्रताप सिंह समेत छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। मुकदमा दर्ज होने के तीन दिन बाद ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रत्याशी रहे अजय प्रताप सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की ठाकुरद्वारा शाखा में प्रतिनिधि पद के चुनाव से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें नामांकन के दौरान अपहरण और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ये भी पढ़ें मेरठ में बदलते मौसम का असर, बूंदाबांदी और तेज हवाओं से ठंडक बढ़ी, तापमान 4 डिग्री तक गिरापीड़ित राजवीर सिंह ने दर्ज कराई शिकायत में बताया कि 20 जनवरी 2026 को वह सुबह करीब 10:30 बजे अपने साथियों के साथ नामांकन कराने के लिए ठाकुरद्वारा पहुंचे थे। आरोप है कि सुबह करीब 11 बजे जब वह निर्वाचन अधिकारी के कक्ष से नामांकन पत्र लेने का प्रयास कर रहे थे, तभी जितेंद्र और उसके समर्थकों ने उनके साथ बदसलूकी की और नामांकन पत्र लेने से रोक दिया। पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने उन्हें धमकी दी कि यदि उन्होंने नामांकन किया तो जान से मार दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने एसडीएम ठाकुरद्वारा को फोन कर घटना की जानकारी देने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि इसी बीच उन्हें जबरन एक सफेद फॉर्च्यूनर गाड़ी में बैठाकर अगवा कर लिया गया और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।
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राजवीर सिंह ने अपनी नामजद तहरीर में हरपाल सिंह सैनी, सतपाल सिंह, धर्मेंद्र पाल, वीर सिंह सैनी और अजय प्रताप सिंह सहित कुल छह लोगों को आरोपी बताया है। कोर्ट के आदेश के बाद ठाकुरद्वारा कोतवाली पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण और धमकी सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है, खासकर अजय प्रताप सिंह की मुख्यमंत्री से मुलाकात को लेकर विभिन्न कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक इस मुलाकात को लेकर आधिकारिक रूप से कोई बयान सामने नहीं आया है। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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