मुज़फ्फरनगर पुलिस को लगा बड़ा झटका: रेप व पॉक्सो के आरोपी को हाईकोर्ट ने किया बरी, सजा रद्द
प्रयागराज/मुज़फ्फरनगर। इलाहाबाद उच्च न्यायालय से मुज़फ्फरनगर पुलिस और अभियोजन पक्ष को करारा झटका लगा है। न्यायालय ने पुरकाजी थाने में दर्ज रेप और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई आजीवन कारावास की सजा को सिरे से खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ एवं न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्र प्रथम की खंडपीठ ने आरोपी बंशी को संदेह का लाभ देते हुए तुरंत रिहा करने का आदेश जारी किया है।
पुलिसिया जांच पर सवालिया निशान हाईकोर्ट ने अपने आदेश में पुलिस की जांच और साक्ष्यों के संकलन पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने पाया कि जिस घटना के आधार पर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और ट्रायल कोर्ट ने सजा सुनाई, वह मेडिकल साक्ष्यों के सामने पूरी तरह ध्वस्त हो गई। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार वह कथित घटना की तारीख से पहले ही 21 सप्ताह की गर्भवती थी, जो पुलिस की कहानी को पूरी तरह झुठलाता है।
अदालत की तल्ख टिप्पणी अदालत ने कहा कि कानून का स्थापित सिद्धांत है कि जहां चिकित्सकीय साक्ष्य अभियोजन पक्ष के मामले को पूरी तरह खारिज कर देते हैं, वहां मौखिक गवाही को विश्वसनीय नहीं माना जा सकता। इसके अलावा, पीड़िता की उम्र को लेकर पुलिस द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों (स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट) को भी कोर्ट ने अपर्याप्त माना। डीएनए (DNA) और एफएसएल (FSL) रिपोर्ट के अभाव ने पुलिस की केस डायरी की कमियों को उजागर कर दिया, जिसका सीधा लाभ अभियुक्त को मिला।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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